{"_id":"5e9c40f08ebc3e774c036849","slug":"medical-admitted-patient-died-corona-did-not-come-out-after-17-hours-dead-body-handed-over-to-family21","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल के भर्ती मरीज़ की मौत, नहीं निकला कोरोना, 17 घंटे बाद परिजनों को सौंपा शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल के भर्ती मरीज़ की मौत, नहीं निकला कोरोना, 17 घंटे बाद परिजनों को सौंपा शव
Sun, 19 Apr 2020 05:45 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2020 05:45 PM IST
विज्ञापन
dr tungveer arya
- फोटो : amar ujala
मेडिकल के भर्ती मरीज़ की मौत, नहीं निकला कोरोना, 17 घण्टे बाद परिजनों को सौंपा शव मेरठ। मेडिकल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक मरीज की हार्टअटैक से मौत हो गई।
उसकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई, तब करीब 17 घण्टे बाद परिजनों को शव सौंपा गया। नौचंदी क्षेत्र निवासी प्रदीप जैन (60)की शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मेडिकल ले जाया गया था, जिनकी वहां रात करीब 10 बजे मृत्यु हो गई। उन्हें सीने में दर्द था।
कोरोना जांच होने तक शव परिजनों को नहीं दिया गया। रविवार दोपहर करीब तीन बजे रिपोर्ट नेगेटिव आई, तब शव परिजनों को सौंपा गया। सीएमओ डॉ राजकुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि मृतक कोरोना पीड़ित तो नहीं था।
विज्ञापन
नियमानुसार अब बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के शव सुपुर्द नहीं कर सकते हैं। दरअसल, बृहस्पतिवार रात संतोष हॉस्पिटल के अकाउंटेंट चंद्रपाल की मौत हो गई थी। उनका शव परिजनों को दे दिया गया था।
उनका अंतिम संस्कार भी हो गया था। इसके बाद उनकी कोरोना की रिपोर्ट आई थी जिसमें वे पॉजिटिव आए थे। इससे हड़कंप मच गया था। इसी के तहत एहतियातन कोरोना की जांच कराई गई और रिपोर्ट आने तक शव नहीं दिया गया।
विज्ञापन
उसकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई, तब करीब 17 घण्टे बाद परिजनों को शव सौंपा गया। नौचंदी क्षेत्र निवासी प्रदीप जैन (60)की शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मेडिकल ले जाया गया था, जिनकी वहां रात करीब 10 बजे मृत्यु हो गई। उन्हें सीने में दर्द था।
विज्ञापन
कोरोना जांच होने तक शव परिजनों को नहीं दिया गया। रविवार दोपहर करीब तीन बजे रिपोर्ट नेगेटिव आई, तब शव परिजनों को सौंपा गया। सीएमओ डॉ राजकुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि मृतक कोरोना पीड़ित तो नहीं था।
विज्ञापन
नियमानुसार अब बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के शव सुपुर्द नहीं कर सकते हैं। दरअसल, बृहस्पतिवार रात संतोष हॉस्पिटल के अकाउंटेंट चंद्रपाल की मौत हो गई थी। उनका शव परिजनों को दे दिया गया था।
उनका अंतिम संस्कार भी हो गया था। इसके बाद उनकी कोरोना की रिपोर्ट आई थी जिसमें वे पॉजिटिव आए थे। इससे हड़कंप मच गया था। इसी के तहत एहतियातन कोरोना की जांच कराई गई और रिपोर्ट आने तक शव नहीं दिया गया।