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Meerut News: मेडा ने हाईवे किनारे भवन निर्माण किया ध्वस्त
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सरधना। मेेरठ-करनाल हाईवे पर पोहल्ली गांव के बाहरी छोर पर निर्माणाधीन भवन को मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की टीम ने ध्वस्त कर दिया। एक दिन पहले मेडा की टीम ने भवन पर सील लगाई थी। कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने हंगामा करते हुए कहा कि बिना नोटिस दिए कार्रवाई की गई है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
पोहल्ली गांव के बाहरी छोर पर जबर सिंह अपने खेत में भवन का निर्माण कर रहा है। सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और भवन को अवैध बताते हुए उसे सील कर लौट गई थी। मंगलवार की सुबह मेडा की टीम जेसीबी मशीन लेकर फिर से पोहल्ली गांव पहुंची। टीम ने निर्माणाधीन भवन के कई पिलर व दीवारों को ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण की जानकारी मिलने पर खेत मालिक व अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। टीम की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया तो टीम वहां से चली गई। मकान मालिका का आरोप है कि ध्वस्तीकरण के संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई और न ही कोई नोटिस उन्हें मिला है। यदि भवन निर्माण में कोई कमी थी तो उसे पूरा किया जा सकता था। इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
मेरठ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता पवन शर्मा का कहना है कि भवन निर्माण करा रहे व्यक्ति को फोन किया गया था। फोन रिसीव नहीं होने पर उन्हें मेसेज भी किया गया था। इसके बाद ही अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया है।
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पोहल्ली गांव के बाहरी छोर पर जबर सिंह अपने खेत में भवन का निर्माण कर रहा है। सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और भवन को अवैध बताते हुए उसे सील कर लौट गई थी। मंगलवार की सुबह मेडा की टीम जेसीबी मशीन लेकर फिर से पोहल्ली गांव पहुंची। टीम ने निर्माणाधीन भवन के कई पिलर व दीवारों को ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण की जानकारी मिलने पर खेत मालिक व अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। टीम की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया तो टीम वहां से चली गई। मकान मालिका का आरोप है कि ध्वस्तीकरण के संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई और न ही कोई नोटिस उन्हें मिला है। यदि भवन निर्माण में कोई कमी थी तो उसे पूरा किया जा सकता था। इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
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मेरठ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता पवन शर्मा का कहना है कि भवन निर्माण करा रहे व्यक्ति को फोन किया गया था। फोन रिसीव नहीं होने पर उन्हें मेसेज भी किया गया था। इसके बाद ही अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया है।
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