{"_id":"5e3492838ebc3e4b4876d443","slug":"mda-awarded-with-43-crores-meerut-news-mrt4666179118","type":"story","status":"publish","title_hn":"43 करोड़ से मालामाल हुआ एमडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
43 करोड़ से मालामाल हुआ एमडीए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
43 करोड़ से मालामाल हुआ एमडीए
मेरठ। कुछ दिनों से आय में इजाफा करने के साधन ढूंढ रहे एमडीए को संजीवनी मिल गई। गंगानगर में बनाए जाने वाले इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के कार्यालय के लिए एमडीए में पैसा जमा कर दिया है। 4100 मीटर में बनाए जाने वाले कार्यालय के लिए 43 करोड़ रुपये जमा कर दिए। बता दें, कुछ समय से एमडीए का खजाना घाटे में चल रहा था, लेकिन ई-नीलामी और अब आईबी केे सहयोग से राहत मिली है।
इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) गंगानगर के सी-पॉकेट में कार्यालय का विस्तार करने जा रहा है। इंटेलीजेंस ब्यूरो की ओर से जमीन की मांग को मेरठ विकास प्राधिकरण ने पूरा कर दिया है। इस कार्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठेंगे। मवाना रोड स्थित गंगानगर में करीब 4100 मीटर जमीन में आईबी कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। इस जमीन के लिए आईबी ने 43 करोड़ रुपये एमडीए को दिए हैं। अमर उजाला ने अपने 22 जनवरी के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें एक-दो दिन में जमीन की एवज में धनराशि जमा करने की मांग इंटेलीजेंस ब्यूरो से की गई थी। वहीं आरएएफ भी एमडीए की शताब्दीनगर योजना में खाली पड़े फ्लैटों को खरीदने की तैयारी में है। इस मामले में कई बार बोर्ड बैठक में चर्चा हुई है, लेकिन सौदा फाइनल नहीं हो पाया। अब एक बार फिर आरएएफ 108 वाहिनी समाजवादी फ्लैटों को खरीदने की तैयारी कर रही है। एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि 43 करोड़ आने के बाद एमडीए का खजाना भरा है। अभी कुछ ऐसे ही अन्य साधन खोजे जा रहे हैं। हम मार्च तक लाभांश में रहेंगे।
विज्ञापन
मेरठ। कुछ दिनों से आय में इजाफा करने के साधन ढूंढ रहे एमडीए को संजीवनी मिल गई। गंगानगर में बनाए जाने वाले इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के कार्यालय के लिए एमडीए में पैसा जमा कर दिया है। 4100 मीटर में बनाए जाने वाले कार्यालय के लिए 43 करोड़ रुपये जमा कर दिए। बता दें, कुछ समय से एमडीए का खजाना घाटे में चल रहा था, लेकिन ई-नीलामी और अब आईबी केे सहयोग से राहत मिली है।
इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) गंगानगर के सी-पॉकेट में कार्यालय का विस्तार करने जा रहा है। इंटेलीजेंस ब्यूरो की ओर से जमीन की मांग को मेरठ विकास प्राधिकरण ने पूरा कर दिया है। इस कार्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठेंगे। मवाना रोड स्थित गंगानगर में करीब 4100 मीटर जमीन में आईबी कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। इस जमीन के लिए आईबी ने 43 करोड़ रुपये एमडीए को दिए हैं। अमर उजाला ने अपने 22 जनवरी के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें एक-दो दिन में जमीन की एवज में धनराशि जमा करने की मांग इंटेलीजेंस ब्यूरो से की गई थी। वहीं आरएएफ भी एमडीए की शताब्दीनगर योजना में खाली पड़े फ्लैटों को खरीदने की तैयारी में है। इस मामले में कई बार बोर्ड बैठक में चर्चा हुई है, लेकिन सौदा फाइनल नहीं हो पाया। अब एक बार फिर आरएएफ 108 वाहिनी समाजवादी फ्लैटों को खरीदने की तैयारी कर रही है। एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि 43 करोड़ आने के बाद एमडीए का खजाना भरा है। अभी कुछ ऐसे ही अन्य साधन खोजे जा रहे हैं। हम मार्च तक लाभांश में रहेंगे।
विज्ञापन