एमबीबीएस कॉपी घोटाला: एसआईटी ने सीसीएसयू में खंगाले सबूत, जब्त की 30 संदिग्ध कॉपियां
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सीसीएसयू के एमबीबीएस कॉपी घोटाले में एसआईटी ने उत्तर पुस्तिका सेक्शन में घंटों छानबीन की। रिकॉर्ड में संदिग्ध मिलीं 30 कॉपियों को टीम ने जब्त कर लिया। इनकी फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है। टीम ने विवि के अधिनियम की सारी जानकारी के लिए रेड बुक भी ली है। शुक्रवार यानी आज एसआईटी की टीम लखनऊ रवाना हो जाएगी। इसके बाद शासन को रिपोर्ट सौंपेगी।
बता दें कि 17 मार्च 2018 को एसटीएफ ने छात्र कविराज और विवि के तीन कर्मचारियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ था कि कैंपस का छात्र नेता कविराज विवि के कर्मचारियों की मदद से एमबीबीएस की कॉपियां बदलवा देता था। उत्तर पुस्तिकाओं के ऊपर का पेज छोड़कर अंदर के पेज बदल दिए जाते थे। एमबीबीएस के अलावा स्नातक और परास्नातक में भी कॉपी बदलने की बात सामने आई थी।
मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शासन के निर्देश पर जांच लखनऊ एसआईटी को दी गई थी। मामले में सीओ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी तीन दिन से जांच कर रही थी।
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वहीं गुरुवार को टीम ने एसटीएफ द्वारा सील की गईं अलमारियों में रखी कॉपियों की जांच की। दो दिन से चल रही जांच के दौरान एसआईटी ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज की 30 के करीब कॉपियों को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया। यहां तैनात कर्मचारियों और दूसरे प्रभारी अधिकारियों से भी बात की।
मेडिकल पुलिस और एसटीएफ मेरठ टीम से भी बात की गई है। पुराना रिकॉर्ड नहीं होने के कारण पहले की कॉपियां तो नहीं मिली लेकिन जब पेपर चल रहे थे, उस वक्त की मूल्यांकन होने के बाद सील की गईं कॉपियों से ही जांच की गई है।
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