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मवाना मिल के अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप

Mon, 13 Jan 2020 02:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2020 02:18 AM IST
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mawana suger mill officers accused of neglect
संवाद न्यूज एजेंसी
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बहसूमा। मवाना शुगर मिल के क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात स्थित क्रय केंद्र से जुडे़ किसानों ने मवाना मिल के अधिकारियों पर इंडेंट में उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। हालांकि टिकौला शुगर मिल क्रय केंद्रों पर कई गुना अधिक इंडेंट जारी कर किसानों के हितों में कार्य कर रहे हैं। मिल अधिकारी अपने चहेते गांवों को अधिक इंडेंट देकर अकबपुर सादात के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। इससे किसानों में अधिकारियो के प्रति आक्रोश है।
क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात निवासी किसान सतवीर भाटी, प्रधान नीरज व रहमान ने बताया कि यहां मवाना, टिकौला एवं खतौली शुगर मिल के क्रेंद्र हैं। किसानों का कहना है कि मवाना शुगर मिल ने किसानों को पहले ही करोड़ों रुपये बकाया हैं। अब उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाने लगा है। किसानों का आरोप है कि मवाना मिल के अधिकारी जानबूझकर चहेतों गांवों को अधिक इंडेंट देकर उनका घटाया जा रहा है। पिछले 15 दिन से मवाना मिल का इंडेंट केवल 150-160 कुंतल का जारी किया जा रहा है। जबकि टिकौला शुगर मिल 900-1000 कुंतल व खतौली शुगर मिल 500-600 कुंतल का इंडेंट दे रही है। तर्क है कि उक्त आकंड़ों से उपेक्षा के आरोपों की पुष्टि हो रही है। किसानों में मिल अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। वहीं, इस संबंध में मिल के अधिकारी रजनेश सिंह का कहना है कि आरोप निराधार है।
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आंबेडकर पार्क का निरीक्षण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिह एवं पथिक सेना के अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने रविवार को रामराज स्थित आंबेडकर पार्क का सुंदरीकरण के लिए निरीक्षण किया।
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बता दें कि रामराज स्थित आंबेडर पार्क कई दशकों से विवादों में रहा है। इस पर सबसे पहले शिव मूर्ति लगाने को लेकर सन 1998-99 में दलित समाज एवं व्यापारी पक्षों में कई राउंड गोली चली थी। जिसमें अधिकारियों समेत छह लोग गोली बारी में घायल हुए थे। यह मामला उस समय बहुत ही हाईप्रोफाइल रहा। इसके बाद आंबेडकर पार्क के नाम पर अवैध निर्माण को लेकर बसपा सरकार के योगेश वर्मा के कार्याकाल में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया। अब आंबेडकर समिति पक्ष पूर्व प्रधान नरेशीलाल का कहना है कि उक्त पार्क पर कोई विवाद नहीं है कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दे रखा है। वहीं व्यापारी पक्ष की ओर से सतीश छाबड़ा का कहना है कि खसरा नंबर 145 हाउसिंग सोसायटी के नाम पर है। जिसमें शिव मंदिर की भूमि दर्ज है। इसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी सहमति के बाद ही सुंदरीकरण कराने की बात कही।
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