महायोजना-2031: मेरठ बनेगा नया औद्योगिक हब, 305 गांवों में होगा विस्तार, आप भी दे सकते हैं सुझाव
महायोजना 2031 में मेरठ एक नया औद्योगिक हब बनकर उभरेगा। इसमें मेरठ कैंट भी शामिल हो चुका है। महायोजना 2031 का दायरा 1043 वर्ग किलोमीटर होगा और इसमें 305 गांव और 9 कस्बे शहर बनेंगे। एक्सप्रेसवे, डीएफसी के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महायोजना-2031 में नया औद्योगिक हब गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण (हापुड़ रोड से जैनुद्दीनपुर तक) के किनारे प्रस्तावित किया गया है। महायोजना में शामिल कस्बों को भी औद्योगिक क्षेत्र में शामिल किया गया है। इससे मेरठ में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और शहर तेजी से एनसीआर का नया औद्योगिक हब बन सकेगा।
दौराला और कायस्थ गांवड़ी में 800 हेक्टेयर में विकास क्षेत्र
दौराला और कायस्थ गांवड़ी 400-400 हेक्टेयर के दो विशेष विकास क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं। शासन की ट्रांजिट ओरियंटेड पॉलिसी लागू होने के बाद यहां मिश्रित भू-उपयोग अनुमन्य होगा। इन इलाकों में नीचे कार्यालय और ऊपर मकान भी बनाए जा सकेंगे। इसी को देखते हुए शहर के दिल्ली रोड और रुड़की रोड पर दो विशेष विकास क्षेत्र दिए गए हैं।
औद्योगिक हब की संभावनाओं को देखते हुए महायोजना में प्रस्तावित किए गए शहरी केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किए गए हैं। हस्तिनापुर, मवाना, लावड़, सरधना आदि में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र लिया गया है।
रैपिड रेल कॉरिडोर के पास मिश्रित भूउपयोग
वहीं, रैपिड रेल के एलाइनमेंट के 500-500 मीटर दूरी पर प्रभाव क्षेत्र तय किए गए हैं। अगले कुछ दिनों में सरकार की आने वाली ट्रांजिट ओरियंटेड पॉलिसी में मिश्रित भू-उपयोग का फायदा भी जनता को मिल सकता है।
दौराला में एकमात्र लॉजिस्टिक पार्क
कोलकाता से लुधियाना तक बनाए जा रहे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के एलाइनमेंट पर दौराला में एकमात्र लॉजिस्टिक पार्क महायोजना में रखा गया है। इससे मेरठ के उत्पाद मुंबई और कोलकाता तक ले जाना सुविधाजनक होगा। ये प्रोजेक्ट भी मेरठ के लिए एक नई संभावनाओं को पूरा करने में मदद करेगा।
महायोजना-2031 में प्रस्तावित भू-उपयोग क्षेत्रफल
आवासीय - 12434.56 हेक्टेयर
व्यावसायिक - 1213.03 हेक्टेयर
औद्योगिक - 3487.46 हेक्टेयर
पब्लिक एंड सेमी पब्लिक - 3184 हेक्टेयर
पार्क और ओपन स्पेस - 6065.15 हेक्टेयर
यातायात और परिवहन - 3032.58 हेक्टेयर
अन्य - 909.77 हेक्टेयर
महायोजना देखकर दें सुझाव
एक वर्ष से चल रही प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अब शहरवासी महायोजना को एक महीने तक देख सकते हैं। पुरानी महायोजना के भू-उपयोग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई महायोजना में ही नए एलाइनमेंट दिखाए गए हैं - म़ृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष, एमडीए
सभी विभाग मिलकर करें कार्य
एमडीए ने दस वर्षों का खाका तैयार कर दिया है। अब सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि शहर को आगे कैसे ले जाया जा सकता है। इसमें लोक निर्माण विभाग उस एलाइनमेंट को देखे जहां से रिंग रोड निकलनी है। बिजली विभाग उस क्षेत्र को देखें जहां सब-स्टेशन बनाए जाने हैं - इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक
एक महीने में दें सुझाव
हमने महायोजना का ड्राफ्ट प्रस्तुत कर दिया है। अब एक महीने में सभी सुझाव और आपत्तियां दे सकते हैं। इसके बाद कोई सुझाव स्वीकार नहीं किया जा सकेगा - विजय कुमार, नगर नियोज
सभी को सुझाव देने चाहिए
15 स्थानों पर ड्राफ्ट की प्रदर्शनी लगेगी। एमडीए आकर दो प्रतियों में सुझाव दे सकते हैं। एमडीए की वेबसाइट पर अंकित ई-मेल आईडी पर भी सुझाव और आपत्ति भेज सकते हैं।- चंद्रपाल तिवारी, सचिव, एमडीए
पहले पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का हो विस्तार
जहां पहले औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं उसी स्थान पर क्षेत्रफल को बढ़ाया जाना चाहिए। नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास भी अच्छा है।- कमल ठाकुर, महामंत्री, रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन
रैपिड रेल, एक्सप्रेसवे के लिए अलग से बनता प्लान
रैपिड रेल, एक्सप्रेसवे के पास किए गए प्रस्तावित भू-उपयोग को अलग से सुपर इंपोज करके दिखाना चाहिए। ऐसे तो कुछ समझ नहीं आ रहा है । इस पर तो आपत्तियों को देने में भी दिक्कतें आएंगी - अतुल गुप्ता, एमडी, एपेक्स ग्रुप
सिर्फ दायरा बढ़ा दिया, नया कुछ नहीं
सिर्फ नए नौ शहरी केंद्र जोड़कर दायरा बढ़ा दिया है। महायोजना-2031 में कोई नई बात नहीं है। जो परियोजनाएं बन रहीं है उन्हें शामिल कर लिया गया है - अंकित अग्रवाल, अध्यक्ष, आर्किटेक्ट एसोसिएशन