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Meerut News: मारवाड़ी और नुकरी नस्ल के घोड़े बन रहे आकर्षण
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सरधना। गांव मंढ़ियाई के पशु पैठ मैदान में सात दिवसीय घोड़ा और खच्चर मेले का आयोजन। संवाद
मंढियाई पैंठ मेले में घोड़ा और खच्चर की व्यापारियों ने लगाई लाखों की बोली
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। गांव मंढ़ियाई के पशु पैठ मैदान में शुक्रवार को सात दिवसीय घोड़ा और खच्चर मेले का आयोजन शुरू हुआ। इस मेले में प्रदेश के साथ ही देश के अन्य हिस्सों से महंगी नस्लों के घोड़े, खच्चर और गधे बिक्री के लिए आए हैं। मंढ़ियाई का घोड़ा बाजार अपने स्तर पर प्रदेश के सबसे बड़े और लोकप्रिय बाजारों में शामिल है।
इस वर्ष मेले में नुकरी और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े प्रमुख आकर्षण हैं। राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड से व्यापारी अपने-अपने घोड़ों और खच्चरों के साथ यहां पहुंचे हैं। शामली निवासी व्यापारी अमरदीप सिंह व जीशान कुरैशी, आस मोहम्मद आदि ने बताया कि नुकरी नस्ल का एक घोड़ा करीब 8 लाख रुपये में बिका, जबकि मारवाड़ी और अन्य नस्लों के घोड़ों की कीमत 8 से 10 लाख रुपये तक रही।
व्यापारियों ने घोड़ों की कद-काठी, शारीरिक बनावट और ताकत देखकर खरीदारी की। इसके अलावा, सत्तर से अस्सी हजार रुपये तक के खच्चर भी खरीदे गए। बच्चों और युवाओं के लिए यह मेले एक आकर्षण का केंद्र बन गए। मंढ़ियाई मेले में प्रजापति बिरादरी के लोग अपने गधों और खच्चरों को सजाकर लाते हैं, जिससे मेले का रंग और बढ़ जाता है। घोड़े और खच्चरों के साथ-साथ लगाम, मोहरा, काठी और अन्य सहायक सामान की दुकानों पर भी अच्छा कारोबार हुआ।
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स्थानीय दुकानदार ईश्वर सिंह व छोटन ने बताया कि उन्होंने इस बार चार दुकानें लगाई हैं। वह पिछले 11 वर्षों से यह व्यवसाय कर रहे हैं। पैंठ संचालक शबी खान, समर कुरैशी, बंटी कुरैशी और शादाब खान ने बताया कि मंढ़ियाई पैठ मेले से प्रशासन को हर साल लाखों का राजस्व प्राप्त होता है। व्यापारियों और खरीदारों की भीड़ में मेले का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। घोड़ों के शौकीनों ने यहां जमकर बोली लगाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। गांव मंढ़ियाई के पशु पैठ मैदान में शुक्रवार को सात दिवसीय घोड़ा और खच्चर मेले का आयोजन शुरू हुआ। इस मेले में प्रदेश के साथ ही देश के अन्य हिस्सों से महंगी नस्लों के घोड़े, खच्चर और गधे बिक्री के लिए आए हैं। मंढ़ियाई का घोड़ा बाजार अपने स्तर पर प्रदेश के सबसे बड़े और लोकप्रिय बाजारों में शामिल है।
इस वर्ष मेले में नुकरी और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े प्रमुख आकर्षण हैं। राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड से व्यापारी अपने-अपने घोड़ों और खच्चरों के साथ यहां पहुंचे हैं। शामली निवासी व्यापारी अमरदीप सिंह व जीशान कुरैशी, आस मोहम्मद आदि ने बताया कि नुकरी नस्ल का एक घोड़ा करीब 8 लाख रुपये में बिका, जबकि मारवाड़ी और अन्य नस्लों के घोड़ों की कीमत 8 से 10 लाख रुपये तक रही।
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व्यापारियों ने घोड़ों की कद-काठी, शारीरिक बनावट और ताकत देखकर खरीदारी की। इसके अलावा, सत्तर से अस्सी हजार रुपये तक के खच्चर भी खरीदे गए। बच्चों और युवाओं के लिए यह मेले एक आकर्षण का केंद्र बन गए। मंढ़ियाई मेले में प्रजापति बिरादरी के लोग अपने गधों और खच्चरों को सजाकर लाते हैं, जिससे मेले का रंग और बढ़ जाता है। घोड़े और खच्चरों के साथ-साथ लगाम, मोहरा, काठी और अन्य सहायक सामान की दुकानों पर भी अच्छा कारोबार हुआ।
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स्थानीय दुकानदार ईश्वर सिंह व छोटन ने बताया कि उन्होंने इस बार चार दुकानें लगाई हैं। वह पिछले 11 वर्षों से यह व्यवसाय कर रहे हैं। पैंठ संचालक शबी खान, समर कुरैशी, बंटी कुरैशी और शादाब खान ने बताया कि मंढ़ियाई पैठ मेले से प्रशासन को हर साल लाखों का राजस्व प्राप्त होता है। व्यापारियों और खरीदारों की भीड़ में मेले का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। घोड़ों के शौकीनों ने यहां जमकर बोली लगाई।

सरधना। गांव मंढ़ियाई के पशु पैठ मैदान में सात दिवसीय घोड़ा और खच्चर मेले का आयोजन। संवाद