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आर्थिक तंगी से उबर रहा था शहीद का परिवार कि टूटा गम का पहाड़, बुजुर्ग कंधों पर फिर आई जिम्मेदारी

Wed, 19 Jun 2019 05:21 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 19 Jun 2019 05:21 PM IST
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Major Ketan sharma Father again have a big responsibility on his old shoulders after son Martyred
Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

शहीद हुए मेजर केतन शर्मा के पिता रविंद्र शर्मा की जिंदगी का सफर संघर्ष भरा रहा। रविंद्र ने 20 साल सीमित आमदनी के बीच संघर्ष करते हुए बेटे को सेना में अफसर बनाया। पिता का सपना पूरा हुआ तो बेटे की शहादत का गम टूट पड़ा। एक बार फिर बूढे़ पिता के कंधों पर नन्हीं पोती सहित परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। बेटे का पार्थिव शरीर देखकर रविंद्र को अपने 20 साल का संघर्ष याद आ गया। 

Major Ketan sharma Father again have a big responsibility on his old shoulders after son Martyred
Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

पंजाब के मूल निवासी रविंद्र शर्मा और उनके भाई अशोक शर्मा करीब 35 साल पहले कंकरखेड़ा में आकर बसे थे। दोनों भाई मोदी फैक्ट्री में काम करते थे। रविंद्र ने बताया है कि साल 2001 में मोदी फैक्टरी बंद होने के बाद दोनों भाइयों की नौकरी छूट गई। दोनों भाईयों के परिवार साथ रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। 


 
Major Ketan sharma Father again have a big responsibility on his old shoulders after son Martyred
Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

नौकरी छूटी तो स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। जैसे तैसे स्थिति को संभाला और आमदनी का जरिया मजबूत करते हुए सीमित आमदनी के बीच न केवल परिवार का पालन पोषण शुरू किया बल्कि बच्चों को उच्च शिक्षित करने की तरफ दोनों भाइयों ने ध्यान दिया। बड़े भाई अशोक का बेटा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है।

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Major Ketan sharma Father again have a big responsibility on his old shoulders after son Martyred
Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते रविंद्र के बेटे केतन शर्मा और बहन मेघा ने प्राइवेट नौकरी की। रविंद्र व उनके भाई अशोक शर्मा की नजर बेटे केतन पर थी। दोनों भाइयों को उम्मीद थी कि केतन ही उनके परिवार का नाम रोशन करेगा। भगवान ने उनकी सुन भी ली। 

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Major Ketan sharma Father again have a big responsibility on his old shoulders after son Martyred
Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला

बेटा आर्मी में लेफ्टिनेंट बना तो पूरे परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं था। लेकिन रविंद्र को क्या पता था कि यह खुशी बस चंद सालों की है। 17 जून का दिन रविंद्र और उनके परिवार में अंधेरा कर गया। 


 
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