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ज्ञान परंपरा के प्रकाशस्तंभ हैं महर्षि वेदव्यास : डॉ. प्रशांत
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सीसीएसयू के संस्कृत विभाग में व्यास पूजन, गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में बुधवार को गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। संस्कृत विभाग के सह-विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत जैसे कालजयी महाकाव्य की रचना की और वेदों का वर्गीकरण कर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दी। इसलिए वे भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रकाशस्तंभ हैं।
डॉ. नरेंद्र कुमार ने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान पर प्रकाश डालते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। तुषार गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।,डॉ. आभा कंसल ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सही मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में आरती, कृतिका, तनूजा, सोनम, उषा, रिया, शिवानी, विष्णु, उज्ज्वल रावत सहित विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन में साहिल तरीका, सुमित शर्मा और बबलू का सहयोग रहा।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में बुधवार को गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। संस्कृत विभाग के सह-विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत जैसे कालजयी महाकाव्य की रचना की और वेदों का वर्गीकरण कर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा दी। इसलिए वे भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रकाशस्तंभ हैं।
डॉ. नरेंद्र कुमार ने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान पर प्रकाश डालते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। तुषार गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।,डॉ. आभा कंसल ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सही मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
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कार्यक्रम में आरती, कृतिका, तनूजा, सोनम, उषा, रिया, शिवानी, विष्णु, उज्ज्वल रावत सहित विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन में साहिल तरीका, सुमित शर्मा और बबलू का सहयोग रहा।
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