फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   machine arrived to extract dead bodies from borewell, construction of road will be done today

रूपक हत्याकांड: बोरवेल से शव निकालने पहुंची टीबीएम मशीन, आज होगा रास्ते का निर्माण

Thu, 20 Aug 2020 01:00 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 20 Aug 2020 01:00 AM IST
विज्ञापन
machine arrived to extract dead bodies from borewell, construction of road will be done today
machine - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के कंकरखेड़ा के फाजलपुर निवासी रूपक के शव को ढाई सौ फीट गहरे बोरवेल से निकालने के लिए केंद्र सरकार व यूपी सरकार की जद्दोजहद के बाद कार्रवाई पर बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने एक फिर बार बाधा डाल दी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद बोरवेल से सुरंग के जरिए डेड बॉडी को निकालने के लिए पहुंची रैपिड रेल बनाने वाली टीवी टीबीएम मशीन बारिश के कारण रास्ता ध्वस्त हो जाने की वजह से घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी।

विज्ञापन


बारिश में रास्ता ध्वस्त हो जाने के कारण 200 टन वजनी मशीन अब रास्ता बनने का खडी इंतजार कर रही है। जिसके चलते ऑपरेशन रूपक एक बार फिर भारी बारिश के कारण रोकना पडाहै। मशीन को घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए अब दोबारा से रास्ते का चौड़ीकरण और मरम्मत का काम शुरू होने के बाद ही मशीन घटनास्थल पर पहुंचकर अपना काम शुरू करेगी। ऑपरेशन जारी रखने के लिए मौके पर अफसर लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि कंकरखेड़ा थाने के फाजलपुर निवासी रूपक कि उसके ही दोस्तों ने 54 दिन पहले यानि 27 जून को घर से बुलाकर हत्या करके शव जिटोला गांव के जंगल में ढाई सौ फीट गहरे एक बोरवेल में डाल दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसे लेकर पांच दिनों तक लगातार अपने घर के बाहर धरने पर बैठ कर अपने पुत्र के शव की मांग करने वाले रूपक की मां की गूंज प्रशासन तक पहुंची तो कमिश्नर अनीता सी मेश्राम के आग्रह पर यूपी शासन ने केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव के बाद सुरंग बनाने वाली टीबीएम मशीन को यहां पहुंचाने की मंजूरी दे दी थी।

लेकिन यहां दो सौ टन वजनी व लंबी मशीन पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण 12 अगस्त से रास्ता बनाया जा रहा था। जिसके बाद यहां गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम व मेट्रो ट्रेन की पटरी की खुदाई करने वाली टीबीएम मशीन पहुंचनी थी। इसके बाद ही ऑपरेशन रूपक दोबारा से शुरू किया जाना थी।

दो सौ टन वजनीं व लंबी टीबीएम मशीन बुधवार को ट्राला में सवार होकर यहां पहुलंरची, लेकिन बुधवार को ही अचानक हुई तेज मूसलाधार बारिश में मशीन पहुंचाने के लिए बनाए गया 12 फीट चौड़ा और 50 मीटर लंबा रास्ता बारिश के कारण ध्वस्त होकर बह गया। जिसके बाद टीबीएम मशीन घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई और उसे बीच में ही रास्ते में रोकना पड़ा। मशीन को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए अब रास्ता दोबारा से तैयार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: World photography day: फोटोग्राफी का बेहतरीन नमूना हैं स्मार्टफोन से ली गईं ये शानदार तस्वीरें

निरीक्षण में बताया गया कि रास्ते की चौड़ाई कम होने और बारिश के कारण बह जाने के कारण अब सूखी मिट्टी मंगाकर दोबारा से रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने के साथ मजबूत तरीके से बनाया जाएगा। ताकि भारी-भरकम मशीन को बिना किसी नुकसान के घटनास्थल तक आराम से पहुंचा जा सके। तेज बारिश ने यूपी व केंद्र सरकार के चल रहे ऑपरेशन रूपक पर एक बार फिर पानी फेर दिया और भारी बारिश के कारण पहले की तरह इस बार भी ऑपरेशन रूपक को रोकना पड़ा।

थाना प्रभारी निरीक्षक रोहटा उपेंद्र सिंह ने बताया कि टीबीएम मशीन को रास्ते में ही रोक दिया गया है तथा दोबारा से रास्ते का सही ढंग से निर्माण कर मशीन को घटनास्थल पर पहुंचाने को युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।

इंस्पेकटर बिजेन्द्र पाल राणा ने बताया कि ऑपरेशन रूपक को जारी रखने के लिए एनडीआरएफ की टीम भी तैयार है तथा मशीन पहुंच चुकी है। लेकिन बारिश में रास्ता का किनारा क्षतिग्रस्त होने के कारण ऑपरेशन बीच में ही रोकना पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed