प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत: शादी से पहले प्रेमी युगल ने उठाया ये खौफनाक कदम, नहर में मिली लाश
परिवार वाले बेटी की शादी करना चाहते थे लेकिन, युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर आत्महत्या कर ली। दोनों की लाश नहर मिली।
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बिजनौर जनपद के स्योहारा में शेरकोट क्षेत्र के गांव से तीन दिन पूर्व लापता हुए प्रेमी युगल ने नूरपुर-स्योहारा मार्ग पर गांव सरकड़ी के पास नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव नहर में मिले हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवती की शादी तय हो गई थी। शुक्रवार को उसका लग्न जाना था।
शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव महमदाबाद निवासी नरेश चौहान के 19 साल के बेटे दीक्षित और राजू वाल्मीकि की 18 साल की बेटी शालू 14 जून की शाम करीब सात बजे गांव से लापता हो गए थे। दोनों के परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं चला। थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। दोनों के परिजन थाने में भी साथ-साथ आते जाते रहे। उधर, युवक-युवती ने नूरपुर-स्योहारा मार्ग पर गांव सरकड़ी के पास छोटी नहर में कूदकर खुदकुशी कर ली। दोनों के शव गुरुवार को नहर में उतराते मिले। स्योहारा पुलिस ने शवों को नहर से निकाला और उनकी पहचान कराने की कोशिश की। परिजनों ने स्योहारा पहुंचकर दोनों की पहचान की। दोनों का एक-एक हाथ दुपट्टे से बंधा था।
एसपी पूर्वी अनित कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस मान रही है कि दोनों ने एक दिन पहले नहर में कूदकर खुदकुशी की है। पुलिस के मुताबिक, शालू की नगीना से शादी तय हो गई थी। शुक्रवार को उसका लग्न जाना था। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक, प्रथम दृष्ट्या जांच में दोनों ने नहर में कूदकर खुदकशी की है। दोनों 14 जून को गांव से लापता थे। तभी से परिजन दोनों की तलाश कर रहे थे।
नहीं थी उम्मीद, इतना बड़ा कदम उठाएंगे बच्चे
तीन दिन पहले महमदाबाद से फरार हुए दीक्षित और शालू के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन सामाजिक ताने बाने की वजह से वे अपनी जुबान खोलने से डरते रहे। उन्हें पता था कि उनके रिश्ते को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। समाज के डर से ही उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। दोनों के परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके बच्चे इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।
शेरकोट थाने के गांव महमदाबाद निवासी दीक्षित व शालू के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों की जाति अलग होने के कारण वे खुलकर अपनी शादी के बारे में किसी से बात नहीं कर पा रहे थे। दो माह पहले परिजनों को इसकी जानकारी मिली थी। दोनों के परिजनों ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन इसके बावजूद दोनों चोरी छिपे मिलते रहे।
इसके बाद शालू के परिजनों ने उसकी शादी नगीना क्षेत्र में तय कर दी। शुक्रवार को उसका लग्न जाना था। शादी से पहले ही दोनों गांव से चले गए। दोनों के परिजन एक साथ उन्हें तलाश करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। रिश्तेदारी व परिचितों के यहां भी तलाश किया गया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से पुलिस भी दोनों की तलाश में जुटी थी। गुरुवार को दोनों के शव स्योहारा क्षेत्र के सरकड़ी के पास नहर में उतराते मिले।
शेरकोट पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि दो माह पहले ही उन्हें दोनों के संबंध के बारे में पता चला था। परिजनों को उम्मीद नहीं थी कि दोनों इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।