{"_id":"5f496a038ebc3e1761727970","slug":"lord-vishnu-sleeping-on-sheshnag-shaya-will-change-his-course-today-meerut-news-mrt498533822","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेषनाग शैया पर सोए भगवान विष्णु आज बदलेंगे करवट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शेषनाग शैया पर सोए भगवान विष्णु आज बदलेंगे करवट
विज्ञापन
शेषनाग शैया पर सोए भगवान विष्णु आज बदलेंगे करवट
मेरठ। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वामन जयंती के रूप में मनाया जाएगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में भाद्रपद शुक्ल द्वादशी श्रवण नक्षत्र के अभिजीत मुहूर्त में श्री हरि विष्णु मध्याह्न काल में अपने पांचवें अवतार वामन के रूप में प्रकट हुए थे। साथ ही आज पद्मा एकादशी पर शेषनाग की शैया पर सोए श्री विष्णु करवट बदलेंगे। इस दौरान सदर वामन भगवान मंदिर में भव्य आयोजन होंगे।
भगवान विष्णु ने राजा बलि को स्वर्गलोक पर कब्जा करने से रोकने के लिए वामन अवतार लिया था। राजा बलि उस समय तीनों लोकों पर अधिकार प्राप्त करने के लिए यज्ञ कर रहे थे। भगवान विष्णु ने यह अवतार लेकर दो पग में पूरे ब्राह्मांड को माप लिया था। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि भगवान विष्णु के इस रूप के सिर्फ दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से मरणोपरांत बैकुंठ धाम में श्री हरि विष्णु के चरणों में स्थान की प्राप्ति होती है।
पद्मा एकादशी व्रत आज
शेषनाग की शैया पर सोए श्री विष्णु शनिवार को करवट बदलेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सब मंगल होता है। हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का अपना महत्व है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है।
विज्ञापन
निकाली जाती हैं शोभायात्रा
इस व्रत के पीछे की मान्यता है कि इस दिन आषाढ़ मास से शेष शैया पर सोए भगवान विष्णु जी करवट बदलते हैं। इस शुभ दिन भगवान विष्णु और उनके अवतार वामन रूप की पूजा की जाती है। इस साल यह शुभ व्रत 29 अगस्त को है। सदर स्थित वामन भगवान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। मंदिर समिति के प्रधान मुकेश अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु पूजा आदि का बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।
विज्ञापन
मेरठ। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वामन जयंती के रूप में मनाया जाएगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में भाद्रपद शुक्ल द्वादशी श्रवण नक्षत्र के अभिजीत मुहूर्त में श्री हरि विष्णु मध्याह्न काल में अपने पांचवें अवतार वामन के रूप में प्रकट हुए थे। साथ ही आज पद्मा एकादशी पर शेषनाग की शैया पर सोए श्री विष्णु करवट बदलेंगे। इस दौरान सदर वामन भगवान मंदिर में भव्य आयोजन होंगे।
भगवान विष्णु ने राजा बलि को स्वर्गलोक पर कब्जा करने से रोकने के लिए वामन अवतार लिया था। राजा बलि उस समय तीनों लोकों पर अधिकार प्राप्त करने के लिए यज्ञ कर रहे थे। भगवान विष्णु ने यह अवतार लेकर दो पग में पूरे ब्राह्मांड को माप लिया था। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि भगवान विष्णु के इस रूप के सिर्फ दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से मरणोपरांत बैकुंठ धाम में श्री हरि विष्णु के चरणों में स्थान की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
पद्मा एकादशी व्रत आज
शेषनाग की शैया पर सोए श्री विष्णु शनिवार को करवट बदलेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सब मंगल होता है। हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का अपना महत्व है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है।
विज्ञापन
निकाली जाती हैं शोभायात्रा
इस व्रत के पीछे की मान्यता है कि इस दिन आषाढ़ मास से शेष शैया पर सोए भगवान विष्णु जी करवट बदलते हैं। इस शुभ दिन भगवान विष्णु और उनके अवतार वामन रूप की पूजा की जाती है। इस साल यह शुभ व्रत 29 अगस्त को है। सदर स्थित वामन भगवान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। मंदिर समिति के प्रधान मुकेश अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु पूजा आदि का बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।