लोकसभा चुनाव 2019: मेरठ सीट पर भाजपा के कई मजबूत दावेदार, गठबंधन ने उड़ाई सांसदों की नींद
भाजपा में लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर प्रत्याशी चयन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। इसके लिए सिर्फ संगठन स्तर पर बड़े नेताओं की रिपोर्ट नहीं, बल्कि धरातल पर दावेदारों की स्थिति को आधार बनाने की कवायद है। इसके लिए एक निजी कंपनी से दावेदारों की जनता के बीच स्थिति को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। हालांकि संगठन इस सर्वे रिपोर्ट के साथ ही संघ परिवार और संगठन की रिपोर्ट को भी प्रत्याशी चयन में शामिल करेगा।
भाजपा ने विधानसभा 2017 के चुनाव में सर्वे के आधार पर यूपी में अधिकांश प्रत्याशी तय किए थे। यह बात अलग है कि आपसी विवादों की स्थिति में संगठन के नेताओं की रिपोर्ट को तरजीह दी गई थी। लेकिन सर्वे रिपोर्ट पर भी बड़ी संख्या में प्रत्याशी तय हुए थे। यही कारण रहा कि यूपी में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की। ऐसे में अब लोकसभा चुनाव में भी यही कवायद संगठन की तरफ से शुरू हो चुकी है।
भाजपा के कई वर्तमान सांसदों की रिपोर्ट आलाकमान के बीच सही नहीं है। ऐसे में सभी लोकसभा क्षेत्रों से जो दावेदार सामने आ रहे हैं, उनके साथ ही वर्तमान सांसदों की रिपोर्ट भी सर्वे में मांगी गई है। भाजपा सूत्रों के अनुसार सर्वे में दावेदारों का जनता के बीच कितना परिचय है, उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति क्या है।
वह पार्टी और पार्टी के कार्यक्रमों के साथ ही जनता के बीच कितने सक्रिय हैं? उनके चरित्र और व्यवहार को लेकर जनता में क्या संदेश है? इन सभी बिंदुओं पर सर्वे हो रहा है। इन दावेदारों के बारे में संगठन के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सर्वे में शामिल किया जा रहा है।
कुछ वर्तमान सांसदों के क्षेत्र बदलने की है चर्चा
वर्तमान में कुछ सांसद अपना क्षेत्र बदलने पर जोर दे रहे हैं। अपने क्षेत्र में कमजोर होती स्थिति के बीच गठबंधन की मजबूती से इन सांसदों की नींद उड़ी हुई है। वहीं, कुछ सांसदों के टिकट कटने की भी चर्चा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चार सीटों पर जहां वर्तमान सांसदों के टिकट काटे जाने की पूरी चर्चा है, तो दो सांसद ऐसे भी हैं, जो अपना क्षेत्र बदलने की जुगत में लगे हैं।
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके वर्तमान सांसद राजेंद्र अग्रवाल के साथ ही पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, सरधना विधायक ठा. संगीत सोम के साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की दावेदारी है। जबकि विनीत अग्रवाल शारदा, सुनील भराला, जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना, कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, महिला मोर्चा नेता पूजा बंसल, संघ के नजदीकी संजीव गोयल सिक्का और सुधीर कुमार अग्रवाल भी यहां से दावेदारी कर रही हैं।
हालांकि वैश्य बिरादरी के कोटे में आने वाली इस सीट पर किसी वैश्य के ही प्रत्याशी बनाए जाने की ज्यादा संभावनाएं हैं। इसके अलावा गुर्जर वर्ग भी अपनी जबरदस्त दावेदारी पेश कर रहा है। मुखिया गुर्जर प्रतिनिधित्व के लिए रैली कर रहे हैं।
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