{"_id":"5cb05d66bdec2209dc70e130","slug":"lok-sabha-elections-2019-fight-between-bjp-and-bsp-on-bijnor-lok-sabha-seat","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम की इस सीट पर भाजपा और बसपा के बीच सीधा मुकाबला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम की इस सीट पर भाजपा और बसपा के बीच सीधा मुकाबला
Fri, 12 Apr 2019 03:15 PM IST
कपिल kapil
शैलेंद्र गौड़/गिरिराज सिंह, अमर उजाला, बिजनौर
शैलेंद्र गौड़/गिरिराज सिंह, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 12 Apr 2019 03:15 PM IST
विज्ञापन
वोट डालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में कहीं भाजपा का कमल का खिलता दिखा तो कहीं बसपा के हाथी की दहाड़ सुनाई दी। कांग्रेस का हाथ का पंजा चांदपुर विधान सभा में एक दो गांव को छोड़कर पिछड़ता नजर आया। जातीय समीकरणों के गणित में उलझी इस सीट पर भाजपा और बसपा के बीच कांटे की टक्कर रही।
विज्ञापन
सुबह सात बजे से 11 बजे तक मतदाताओं ने तेजी के साथ मतदान किया। उसके बाद धीमी गति से मतदान होता रहा। सुबह से लेकर शाम तक हर बूथ पर भाजपा व बसपा में मुकाबला नजर आया। मुस्लिम, गुर्जर व अनुसूचित बहुल बूथों पर हाथी चिंघाड़ रहा था। अन्य बिरादरियों के बूथों पर भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण हो रहा था।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी का जलवा चुनाव में दिखाई नहीं दिया। चांदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार के आसपास के तीन चार गांवों में कांग्रेस को मुस्लिम वोट जाता दिखाई दिया। कई गांवों में तो कांग्रेस प्रत्याशी के एजेंट तक नहीं थे। जाट बहुल गांव स्वाहेड़ी, सालमाबाद, गढ़ी, मंडावली, कस्बा झालू सहित कई गांवों में बसपा प्रत्याशी सेंध लगाते नजर आए। जातीय समीकरण पूरी तरह से हावी होते नजर आए। चुनाव में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन मुकाबले में केवल भाजपा के सांसद भारतेंद्र सिंह व बसपा के मलूक नागर ही रहे। कांग्रेस को छोड़कर बाकी प्रत्याशियों के बस्ते तक कहीं नजर नहीं आए।
विज्ञापन
बिजनौर लोकसभा की दो विधान सभा सीटें पुरकाजी और मीरापुर मुजफ्फरनगर में हैं। यहां भी मुकाबला भाजपा और बसपा के बीच ही नजर आया। कुछ मतदाताओं में इस बात की भी नाराजगी थी कि कांग्रेस प्रत्याशी उनके यहां तो वोट मांगने तक नहीं आए। गुर्जर बहुल गांव मीरापुर के शिवपुरी, सिकरेड़ा, जमालपुर, देवल और कैलापुर में हाथी की चाल तेज रही। हालांकि कुछ बूथों पर भाजपा भी सेंधमारी करती दिखी।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/