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लॉकडाउन 4.0 : कंटेनमेंट जोन में उद्योगों को राहत नहीं
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लॉकडाउन 4.0 : कंटेनमेंट जोन में उद्योगों को राहत नहीं
मेरठ। परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयों के संचालन पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 17 मई तक लॉकडाउन था, लेकिन सरकार ने इसे 31 मई तक बढ़ा दिया है। लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही नए दिशानिर्देश भी जारी हो गए, जिसमें साफ कहा गया कि कंटेनमेंट जोन में केवल अनिवार्य वस्तुओं वाली इकाइयों का ही संचालन होगा। साथ ही लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। ऐसे में कंटेनमेंट वाले परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयों का संचालन होगा या नहीं इस पर एक बार फिर कशमकश की स्थिति पैदा हो गई है।
रविवार को देर रात तक जिला प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी इसी बात में उलझे रहे कि परतापुर क्षेत्र में इकाइयों का संचालन शुरू किया जाए या नहीं। इस पूरे इलाके में दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। हालांकि, इकाइयों को खोलने के संबंध में आज (सोमवार) बैठक होनी है। पिछले चार-पांच दिनों में संक्रमण का कोई नया केस यहां नहीं आया है। इसे देखते हुए इस इलाके को कंटेनमेंट जोन से बाहर किया जाए या अभी कुछ और इंतजार किया जाए।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि परतापुर क्षेत्र पूरी तरह से कंटेनमेंट जोन में है। दो दिन पहले उद्यमियों के साथ हुई बैठक में यह तय किया था कि मेवला फाटक से परतापुर फ्लाईओवर के क्षेत्र में अगर कोरोना संक्रमण का नया मामला नहीं आया तो इसे कंटेनमेंट जोन से बाहर करेंगे। कंटेनमेंट जोन से बाहर होते ही इस इलाके में सारी औद्योगिक इकाइयों को खोलने की अनुमति भी दे दी जाएगी। जिसमें निर्यातक इकाइयों को प्रमुखता दी जाएगी। लॉकडाउन बढ़ा है। नए निर्देशों के अनुसार इकाइयों का संचालन कंटेनमेंट जोन में नहीं करा सकते। देर रात जिलाधिकारी को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। उद्योग खुलने न खुलने का फैसला समिति की बैठक में होगा।
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मेरठ। परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयों के संचालन पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 17 मई तक लॉकडाउन था, लेकिन सरकार ने इसे 31 मई तक बढ़ा दिया है। लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही नए दिशानिर्देश भी जारी हो गए, जिसमें साफ कहा गया कि कंटेनमेंट जोन में केवल अनिवार्य वस्तुओं वाली इकाइयों का ही संचालन होगा। साथ ही लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। ऐसे में कंटेनमेंट वाले परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयों का संचालन होगा या नहीं इस पर एक बार फिर कशमकश की स्थिति पैदा हो गई है।
रविवार को देर रात तक जिला प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी इसी बात में उलझे रहे कि परतापुर क्षेत्र में इकाइयों का संचालन शुरू किया जाए या नहीं। इस पूरे इलाके में दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। हालांकि, इकाइयों को खोलने के संबंध में आज (सोमवार) बैठक होनी है। पिछले चार-पांच दिनों में संक्रमण का कोई नया केस यहां नहीं आया है। इसे देखते हुए इस इलाके को कंटेनमेंट जोन से बाहर किया जाए या अभी कुछ और इंतजार किया जाए।
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जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि परतापुर क्षेत्र पूरी तरह से कंटेनमेंट जोन में है। दो दिन पहले उद्यमियों के साथ हुई बैठक में यह तय किया था कि मेवला फाटक से परतापुर फ्लाईओवर के क्षेत्र में अगर कोरोना संक्रमण का नया मामला नहीं आया तो इसे कंटेनमेंट जोन से बाहर करेंगे। कंटेनमेंट जोन से बाहर होते ही इस इलाके में सारी औद्योगिक इकाइयों को खोलने की अनुमति भी दे दी जाएगी। जिसमें निर्यातक इकाइयों को प्रमुखता दी जाएगी। लॉकडाउन बढ़ा है। नए निर्देशों के अनुसार इकाइयों का संचालन कंटेनमेंट जोन में नहीं करा सकते। देर रात जिलाधिकारी को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। उद्योग खुलने न खुलने का फैसला समिति की बैठक में होगा।
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