Murder: हाथ-पैर बांधकर मुहं में कपड़ा ठूंसा, मौत से पहले तीन घंटे तड़पा था LLB का छात्र, कातिलों ने बयां की हत्या की खौफनाक कहानी
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मेरठ में एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी को लिसाड़ीगेट में दूसरे समुदाय के युवकों ने बेरहमी से मारा। पहले यश का गला दबाया और फिर उसके कई टुकड़े कर लाश बोरे में भरकर पुलिस चौकी के पास नाले में फेंक दी। छह दिन तक उसकी लाश नाले में पड़ी रही। पुलिस ने सर्विलांस के जरिये यश के दोस्तों की कुंडली खंगाली, जिसके बाद आरोपियों का पता चला।
पुलिस का दावा है कि यश और उसके दोस्तों ने ऑनलाइन समलैंगिक ग्रुप बनाया हुआ था, जिसमें करीब 40 युवक जुड़े थे। वहीं रविवार को मृतक यश के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हंगामा कर दिया। परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस के समझाने के बाद परिजनों ने शव का सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि आखिर किस वजह से उन्होंने छात्र की हत्या की और उसे तड़पा तड़पाकर मौत के घाट उतारा। मौत से पहले छात्र तकरीबन तीन घंटे तक फैक्टरी में पड़ा तड़पता रहा था। आगे विस्तार से जानें आखिर कैसे हत्यारों ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।
यश हत्याकांड में शावेज और अन्य आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यश के हाथ-पैर बांधने और मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद उसे फैक्टरी में छोड़कर चले गए थे। इसके तीन घंटे बाद फैक्टरी में लौटे तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव बोरे में बंद कर एक ठेले पर नाले तक लेकर गए। साक्ष्य मिटाने की मंशा से ही उन्होंने स्कूटी के भी कई टुकड़े कर दिए थे। पुलिस का मानना है कि मरने से पहले यश काफी तड़पा होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्राथमिक जांच में उसकी मौत दम घुटने से हुई है।
छह दिन पुराना शव होने के कारण विसरा भी सुरक्षित रखा गया है। आरोपियों के मुताबिक सोशल मीडिया के माध्यम से यश और शावेज की छह महीने पहले दोस्ती हुई थी। उसके बाद दोनों ही समलैंगिक ग्रुप से जुड़ गए थे। 26 जून को दोनों की ऐप के माध्यम से बात हुई।
इसके बाद यश लिसाड़ीगेट में शावेज की फैक्टरी में स्कूटी से पहुंचा। जहां पर शावेज के साथ कर्मचारी अलीशान और सलमान मौजूद थे। यहां पांच हजार रुपये के लेनदेन को लेकर यश और शावेज में बहस हुई। इसी दौरान शावेज ने यश का गला दबा दिया था। चीख-पुकार सुनकर अलीशान और सलमान भी पहुंचे।