{"_id":"65be611d44b27b8f0a08d742","slug":"lkjljljljljkjljkljjklkjlkj-meerut-news-c-14-1-mrt1004-456501-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: एएनएम के अवैध क्लीनिक पर मां-बेटे की मौत पर मजिस्ट्रेट जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: एएनएम के अवैध क्लीनिक पर मां-बेटे की मौत पर मजिस्ट्रेट जांच
विज्ञापन
- जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को मजिस्ट्रेट जांच सौपी
- 9 जनवरी को मीरपुर गांव का मामला, थाने में है मुकदमा
फाइल फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मीरपुर में एएनएम मधु उर्फ मंजू के अवैध क्लीनिक में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू करा दी। एसडीएम सदर कमलकिशोर देशभूषण कंडारकर को जांच सौप दी। एएनएम के खिलाफ रोहटा थाने में मुकदमा दर्ज है और पुलिस ने एएनएम को 41 (ए) का नोटिस देकर जमानत दी हुई है। थाने से जमानत देने पर पीड़ित परिवार के लोगों में एएनएम व पुलिस के प्रति आक्रोश है।
एएनएम मधु उर्फ मंजू सरूरपुर सीएचसी पर तैनात है। 19 जनवरी 2024 को आशा सलमा, दमगढ़ी सरूरपुर निवासी नईमा का प्रसव कराने के लिए एएनएम के अवैध क्लीनिक पर ले आई थी। एएनएम ने अपने क्लीनिक पर नईमा का प्रसव करा दिया, जिसमें नवजात की मौत हो गई और नईमा की हालत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान नईमा ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कराई थी। नईमा के परिजनों ने एएनएम पर मुकदमा दर्ज कराया था। रोहटा थाना पुलिस और सीएमओ से रिपोर्ट लेकर जिलाधिकारी ने शनिवार को मां-बेटे की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू करा दी। सूचित किया कि उक्त मजिस्ट्रीयल जांच के संबंध में कोई भी व्यक्ति अपना मौखिक अथवा लिखित साक्ष्य एसडीएम सदर के कार्यालय में सात फरवरी 2024 तक प्रस्तुत कर सकते है। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला संज्ञान में आया था। गंभीरता को देखते हुए जांच सौंपी है।
विज्ञापन
- 9 जनवरी को मीरपुर गांव का मामला, थाने में है मुकदमा
फाइल फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मीरपुर में एएनएम मधु उर्फ मंजू के अवैध क्लीनिक में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू करा दी। एसडीएम सदर कमलकिशोर देशभूषण कंडारकर को जांच सौप दी। एएनएम के खिलाफ रोहटा थाने में मुकदमा दर्ज है और पुलिस ने एएनएम को 41 (ए) का नोटिस देकर जमानत दी हुई है। थाने से जमानत देने पर पीड़ित परिवार के लोगों में एएनएम व पुलिस के प्रति आक्रोश है।
एएनएम मधु उर्फ मंजू सरूरपुर सीएचसी पर तैनात है। 19 जनवरी 2024 को आशा सलमा, दमगढ़ी सरूरपुर निवासी नईमा का प्रसव कराने के लिए एएनएम के अवैध क्लीनिक पर ले आई थी। एएनएम ने अपने क्लीनिक पर नईमा का प्रसव करा दिया, जिसमें नवजात की मौत हो गई और नईमा की हालत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान नईमा ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कराई थी। नईमा के परिजनों ने एएनएम पर मुकदमा दर्ज कराया था। रोहटा थाना पुलिस और सीएमओ से रिपोर्ट लेकर जिलाधिकारी ने शनिवार को मां-बेटे की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू करा दी। सूचित किया कि उक्त मजिस्ट्रीयल जांच के संबंध में कोई भी व्यक्ति अपना मौखिक अथवा लिखित साक्ष्य एसडीएम सदर के कार्यालय में सात फरवरी 2024 तक प्रस्तुत कर सकते है। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला संज्ञान में आया था। गंभीरता को देखते हुए जांच सौंपी है।
विज्ञापन