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एकतरफा प्यार में एलानिया हत्या: घर में घुसकर LLM की छात्रा को गोली मारी, फिर खुखरी से किए ताबड़तोड़ वार

Tue, 03 Sep 2024 04:24 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 03 Sep 2024 04:24 PM IST
सार

मेरठ के गंगानगर में हुए दर्शिता हत्याकांड के आरोपी पुलिसकर्मी के बेटे को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने एकतरफा प्यार में इस खाैफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

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Life imprisonment to policeman son, killed LLM girl student entered the house in one sided love
आरोपी दीपक व दर्शिता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के गंगानगर इलाके में सवा पांच वर्ष पूर्व दिनदहाड़े घर में घुसकर एलएलएम की छात्रा दर्शिता की हत्या और उसकी बहन गुनिता को गोली मारने के मामले में पुलिसकर्मी के बेटे दीपक को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला जज कोर्ट-10 चंद्रशेखर मिश्र ने आरोपी पर1.10 लाख का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखाई दी। 

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गंगानगर सी ब्लॉक के मकान नंबर 402 में अधिवक्ता मनोज शर्मा का मकान है। पड़ोस में सिपाही राजे सिंह गुर्जर, पत्नी जगवीरी और उसका बेटा दीपक गुर्जर रहते थे। दीपक मनोज शर्मा की बेटी एलएलएम की छात्रा दर्शिता (25) से एकतरफा प्यार करता था। इस बीच दर्शिता की शादी 18 अप्रैल 2019 की तय हो गई थी। इसकी जानकारी लगने पर आरोपी दर्शिता को परेशान करने लगा। इसको लेकर दोनों परिवार के लोगों में पंचायत भी हुई, लेकिन दीपक नहीं माना। 

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एक अप्रैल 2019 सुबह करीब 10 बजे दीपक एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में खुखरी लेकर दर्शिता के घर पहुंचा था। उस समय दर्शिता अपनी मां पिंकी और छोटी बहन गुणिता के अलावा पड़ोस के एक बच्चे के साथ कमरे में बैठी थी। तभी दीपक ने दर्शिता के सिर में पिस्टल से गोली मार दी। यह देखकर बहन गुणिता साहस दिखाकर दीपक से भिड़ गई तो आरोपी ने उसे भी गोली मार दी। 

दोनों बेटियों को खून से लथपथ हालत में फर्श पर पड़ा देख मां बेहोश हो गई थी। पड़ोस के बच्चे ने इस वारदात को देखा तो वह चिल्लाता हुआ गली में आया और शोर मचा दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों ने दोनों बहनों को हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दर्शिता को मृत घोषित कर दिया था।

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खुखरी से किए थे वार 
दीपक का निशाना सिर्फ दर्शिता थी। गोली मारने के बाद भी दीपक ने दर्शिता के सिर और गर्दन पर खुखरी से कई वार किए। जिस पर दर्शिता की मौके पर मौत हो गई थी। उसके बाद हत्यारोपी उनके घर की छत से कूदकर अपने मकान में जा पहुंचा था। पुलिस ने दीपक को उसके घर से ही गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और खुखरी बरामद की थी। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी ने पूछताछ में कुबूल किया था कि वह दर्शिता से एकतरफा प्यार करता था। शादी तय होने पर उसने हत्या कर दी।

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पंचायत में किया था हत्या का एलान 
दर्शिता से एकतरफा प्यार करने वाला दीपक उस पर शादी करने का आरोपी दबाव बना रहा था। कई बार उसने छात्रा का रास्ता रोककर अभद्रता भी की थी। इसको लेकर दोनों परिवार के लोगों की पंचायत हुई थी। आरोपी दीपक ने हत्या करने का एलान किया था, लेकिन पिता राजेसिंह ने दर्शिता के परिवार को भरोसा दिया कि उसका बेटा कोई गलत कदम नहीं उठाएगा।

राजे सिंह इस प्रकरण के बाद नोएडा ड्यूटी पर चले गए। इसके बाद दीपक की मां जगवीरी दर्शिता के घर गई और शादी करने का दबाव बनाने लगी। दर्शिता ने जगवीरी को समझाया कि उसने दीपक से शादी करने के बारे में कभी नहीं सोचा। इस बीच 18 अप्रैल को दर्शिता की शादी कहीं और तय हो गई थी। दीपक को जब यह पता चला तो वह अपने दोस्त लव से पिस्टल लेकर आया था। पंचायत के बाद से ही आरोपी दीपक हत्या करने की योजना में लगा था। 

होनहार थी छात्रा 
दर्शिता एनएएस कॉलेज में एलएलएम अंतिम वर्ष की छात्रा थी। पिता मनोज शर्मा आयकर के अधिवक्ता हैं और गंगानगर में उनका ऑफिस है। दर्शिता उनके साथ ही वकालत की प्रैक्टिस कर रही थी। 18 अप्रैल को जिस घर से डोली उठनी थी, एक अप्रैल को वहां से उसकी अर्थी उठी। इस वारदात से पहले दर्शिता की शादी की तैयारियां चल रही थीं। दर्शिता का परिवार शादी को धूमधाम से करने में जुटा था। हंसते-खेलते परिवार को सिरफिरे दीपक ने बर्बाद कर दिया था। खुशी का माहौल मातम में बदल गया था।

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आरोपी के सामने लगाती रही गुहार
हत्या से पहले दर्शिता आरोपी के सामने गुहार लगाती रही कि मेरी जिंदगी बर्बाद मत करो। मैंने तुम्हें हमेशा अपना दोस्त माना है। लेकिन आरोपी ने उसकी एक नहीं सुनी और मौत दे दी। हत्या से पहले दीपक की हरकतों की खबर दर्शिता के परिवार ने पुलिस को भी दी थी। लेकिन तब पुलिस ने कोई कार्रवाई आरोपी के खिलाफ नहीं की थी। दीपक की बहन भी पुलिस में है। बताया गया था कि पिता और बहन के पुलिस में होने के कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई नहीं की थी। 

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