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Meerut Big Case: डॉक्टर के नाम फर्जीवाडे़ का मामला, भूषण अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड, टीम ने दो जगह लगाई सील

Sat, 30 Jul 2022 06:35 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 30 Jul 2022 06:35 PM IST
सार

डॉक्टर के नाम पर हुए फर्जीवाड़े के मामले में श्री भूषण अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं टीम ने श्री भूषण अस्पताल और मवाना के कमल नर्सिंग होम पर सील लगा दी है।

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license of Bhushan Hospital suspended, sealed in two places in case of fraud in the name of doctor in Meerut
मेरठ में अस्पताल पर लगाई सील। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ में आयुष्मान योजना के तहत 17 जुलाई 2022 को मुरलीपुर के देवेंद्र (45) का ऑपरेशन किसी ने किया और डिस्चार्ज स्लिप पर नाम लिख दिया न्यूटिमा अस्पताल के यूरो सर्जन डॉ. सरत चंद्र का। इतना ही नहीं, आयुष्मान योजना में पंजीकृत होने के लिए भी अस्पताल ने सीएमओ कार्यालय में फर्जी शपथ पत्र लगाया। सीएमओ ने शुक्रवार को गढ़ रोड पर गोकलपुर में चल रहे श्री भूषण अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। टीम ने शाम को अस्पताल पर सील लगा दी। साथ ही निर्देश दिए कि अग्रिम आदेश तक यहां कोई चिकित्सीय कार्य नहीं होगा। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। डॉ. सरत चंद्र ने अस्पताल और उसके संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में मेडिकल थाने में तहरीर दी है।

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डॉ. सरत चंद्र की शिकायत पर शुक्रवार को सीएमओ ने डॉ. नरेंद्र कुमार मान, डॉ. सुधीर कुमार और डॉ. जावेद हुसैन की समिति बनाई। समिति ने डॉ. सरत के बयान लिए। उन्होंने अपने नाम का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। इस दौरान कई और यूरोलोजिस्ट भी वहां आ गए, जिन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद समिति ने सीएमओ कार्यालय आकर अस्पताल के दस्तावेज देखे, जिनमें डॉ. सरत का शपथ पत्र अस्पताल ने लगाया था, जिसे वह फर्जी बता रहे हैं। डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि इस मामले में श्री भूषण अस्पताल के संचालक और इससे जुड़े चिकित्सकों को बयान देने के लिए सीएमओ कार्यालय बुलाया गया है। वहीं मरीज की तबियत ठीक है।   
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दोषी निकले तो निरस्त होगा लाइसेंस
तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट मिल जाएगी। अगर दोषी निकलते हैं तो अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। - डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ 
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रजिस्ट्रेशन नंबर में भी घालमेल
डॉ. सरत चंद्र के रजिस्ट्रेशन नंबर में भी घालमेल किया गया है। इनका रजिस्ट्रेशन नंबर 51934 है, जबकि जो मरीज की डिस्चार्ज समरी पर डॉ. सरत के नाम की मुहर लगाकर पंजीकरण नंबर 51834 लिखा है।
 
वायरल ऑडियो में डॉक्टर बोले, गलती हो गई 
डॉ. सरत के मुताबिक उन्होंने श्री भूषण अस्पताल के डॉ. राहुल से फोन पर बात की है, जो स्वीकार कर रहे हैं कि गलती हुई है। सीएमओ कार्यालय में सर्जरी की अनुमति के लिए, बिना उनकी अनुमति के उनके नाम के पेपर लगाए गए हैं। इस बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। 

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हमने नहीं लगाया शपथपत्र : डॉ. राहुल
सीएमओ ने बताया कि श्री भूषण के डॉक्टर राहुल ने उनके कार्यालय में बयान दिया है कि मरीज का ऑपरेशन डॉक्टर ने किया था, न कि किसी स्टाफ ने। जहां तक बात डॉ. सरत के शपथ पत्र और मुहर लगाने की बात है, वह अस्पताल को आयुष्मान के पैनल में शामिल कराने वाले किसी व्यक्ति ने लगाए होंगे। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

सीएमओ कार्यालय पहुंचे यूरोलॉजिस्ट
शुक्रवार शाम शहर के 10 से ज्यादा यूरोलॉजिस्ट सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने फर्जी शपथपत्र और मुहर मामले में कार्रवाई की साथ-साथ शिकायत की है कि सामान्य सर्जन भी  यूरो (मूत्र रोग) वाले ऑपरेशन कर रहे हैं, जो कि गलत है। डॉ सुभाष यादव, डॉ अभिषेक जैन, डॉ शालीन शर्मा और डॉ. सरत चंद्र आदि रहे।

आईएमए के डॉक्टरों की सीएमओ के साथ बैठक आज
कौन-कौन चिकित्सक किस किस अस्पताल से जुड़े हुए हैं, इस संबंध में शनिवार को सीएमओ कार्यालय में आईएमए के चिकित्सकों की बैठक होगी। सीएमओ का कहना है कि चिकित्सकों से उन्होंने अनुरोध किया है कि वे उनके कार्यालय आकर बता दें कौन चिकित्सक किस अस्पताल से जुड़ा हुआ है, ताकि यह स्थिति न बने जैसी कि अब हुई है।

मवाना के अस्पताल में भी हुए ऑपरेशन 
मवाना के एक अस्पताल में भी डॉ. सरत के नाम से ऑपरेशन हुए हैं। शुक्रवार को चर्चा रही कि एक टीम यहां पर जांच के लिए गई थी। हालांकि सीएचसी प्रभारी का कार्य देख रहे डॉ. अनिल शर्मा ने टीम की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है।

कमल नर्सिंग होम पर लगाई सील
मेरठ से तीन सदस्यों की टीम पहुंची और कमल नर्सिंग होम को सील कर दिया। टीम में एसीएमओ डॉक्टर जावेद और डॉक्टर सुधीर समेत तीन थे। डॉक्टर सुधीर ने जानकारी देते हुए बताया डॉक्टर सरत चंद्र द्वारा दो नर्सिंग होम के खिलाफ शिकायत की गई थी। जिनमें मवाना का कमल नर्सिंग होम का नाम भी था। सीएमओ के आदेश पर इस को सील करने की कार्रवाई की गई है। आगे सीएमओ द्वारा गठित टीम जांच कर कार्रवाई करेगी। सील करने से पहले नर्सिंग होम से सभी मरीजों को छुट्टी देकर भेज दिया गया। वहीं नर्सिंग के मालिक भूपेंद्र त्यागी का कहना है कि दो चिकित्सकों की लड़ाई है, जिसमें उन पर कार्रवाई हुई है।

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