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Meerut News: पुराने वाहनों को जबरन उठाने पर नाराज अधिवक्ता, आरटीओ को सौंपा ज्ञापन

Wed, 23 Sep 2026 10:06 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:06 PM IST
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Lawyers angered by the forcible towing of old vehicles; submitted a memorandum to the RTO.
एनसीआर से बाहर भेजने व दूसरे जिले में बेचने का विकल्प देने की मांग की
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। परिवहन विभाग द्वारा पुराने वाहनों को घरों के बाहर सड़क किनारे से उठाकर स्क्रैपिंग सेंटर भेजे जाने के विरोध में पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को आरटीओ कार्यालय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन दिया। एसोसिएशन के संस्थापक महामंत्री राम कुमार शर्मा एडवोकेट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अनिता सिंह, आरटीओ प्रवर्तन अमरेश कुमार और एआरटीओ सुधांशु रंजन से मुलाकात कर वाहन स्वामियों की समस्याएं बताईं।
एसोसिएशन के संस्थापक महामंत्री ने कहा कि मेरठ के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अधिकांश मकानों में पर्याप्त पार्किंग नहीं है। ऐसे में लोग मजबूरी में वाहन घर के बाहर सड़क किनारे खड़े करते हैं। आरोप लगाया कि कई मामलों में वाहन स्वामी को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना वाहनों को उठा लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिन पुराने वाहनों का एनसीआर में संचालन प्रतिबंधित है, उनके स्वामियों को निर्धारित समय देकर वाहन एनसीआर से बाहर भेजने व राज्य में बेचने का अवसर दिया जाए।
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-जबरन स्क्रैप करने से आर्थिक नुकसान
एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि नागरिकों ने अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदे हैं। बिना उचित अवसर दिए वाहन को सीधे स्क्रैपिंग सेंटर भेजने से उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। ज्ञापन में घरों के अंदर खड़े वाहनों को जबरन न उठाने, वाहन स्वामी को लिखित सूचना देने, दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देने, बीएस मानक और वैधानिक स्थिति की जांच करने, एनओसी के जरिये एनसीआर से बाहर वाहन भेजने तथा दूसरे जिले में बेचने का विकल्प देने की मांग की गई। इसके अलावा वाहन स्वामी की आपत्ति का निस्तारण होने तक वाहन को काटने या स्क्रैप करने की कार्रवाई रोकने और पूर्व में उठाए गए वाहनों की दोबारा जांच की मांग भी की गई।
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