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Meerut News: गोदाम पर पछेती प्रजाति का गेहूं का बीज उपलब्ध नहीं
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माछरा। क्षेत्र में माछरा और रजपुरा ब्लॉक के बीज गोदाम पर पछेती प्रजाति का गेहूं का किसी भी प्रजाति का बीज उपलब्ध नहीं है। जबकि किसानों का पेडी गन्ना कट रहा है। इस कारण गेहूं की पछेती बुवाई 26 जनवरी तक होगी।
गांव माछरा, कासमपुर, नंगली अब्दुल्ला, भटीपुरा, मऊखास, शोल्दा, बहरोडा, रछौती, जिसोरा, अजराडा, जिसाेरी, सिसौली, मुरलीपुर आदि गांवों के किसान आलू की बुवाई अगस्त माह ही कर देते थे और जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में खोदाई कर उसे बेचकर गेहूं की पछेती प्रजाति की बुवाई करते हैं।
परंतु, माछरा और रजपुरा कृषि बीज भंडार पर पछेती प्रजाति का छूट पर मिलने वाला गेहूं उपलब्ध नहीं है। किसानों को खुले बाजार से महंगी दर पर पछेती प्रजाति का गेहूं का बीज बुवाई के लिए खरीदना पड़ रहा है।
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किसान प्रमोद कुमार, राकेश, ब्रज, भूरे अहमद, आरिफ आदि का कहना है कि उनके पास केवल दो एकड़ जमीन है, जिसमें वह बदल-बदलकर फसल लेते हैं। आलू के बाद गेहूं की बुवाई करते हैं, परंतु सरकारी गोदाम पर पछेती प्रजाति का गेहूं का बीज नहीं मिल रहा है। उन्हें महंगे रेट पर गेहूं का बीज खरीदकर बुवाई करनी पड़ती है। सरकार छूट पर बीज देती है, परंतु प्राइवेट दुकानदार कोई छूट नहीं देता है।
रजपुरा कृषि बीज भंडार के अधिकारी रवि कुमार, प्रशांत कुमार से पछेती प्रजाति के गेहूं बीज के संबंध में पूछताछ की तो उनका कहना था कि कुछ ही किसान इसकी बुवाई करते हैं, इसलिए यह बीज गोदाम पर नहीं आता है।
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गांव माछरा, कासमपुर, नंगली अब्दुल्ला, भटीपुरा, मऊखास, शोल्दा, बहरोडा, रछौती, जिसोरा, अजराडा, जिसाेरी, सिसौली, मुरलीपुर आदि गांवों के किसान आलू की बुवाई अगस्त माह ही कर देते थे और जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में खोदाई कर उसे बेचकर गेहूं की पछेती प्रजाति की बुवाई करते हैं।
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परंतु, माछरा और रजपुरा कृषि बीज भंडार पर पछेती प्रजाति का छूट पर मिलने वाला गेहूं उपलब्ध नहीं है। किसानों को खुले बाजार से महंगी दर पर पछेती प्रजाति का गेहूं का बीज बुवाई के लिए खरीदना पड़ रहा है।
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किसान प्रमोद कुमार, राकेश, ब्रज, भूरे अहमद, आरिफ आदि का कहना है कि उनके पास केवल दो एकड़ जमीन है, जिसमें वह बदल-बदलकर फसल लेते हैं। आलू के बाद गेहूं की बुवाई करते हैं, परंतु सरकारी गोदाम पर पछेती प्रजाति का गेहूं का बीज नहीं मिल रहा है। उन्हें महंगे रेट पर गेहूं का बीज खरीदकर बुवाई करनी पड़ती है। सरकार छूट पर बीज देती है, परंतु प्राइवेट दुकानदार कोई छूट नहीं देता है।
रजपुरा कृषि बीज भंडार के अधिकारी रवि कुमार, प्रशांत कुमार से पछेती प्रजाति के गेहूं बीज के संबंध में पूछताछ की तो उनका कहना था कि कुछ ही किसान इसकी बुवाई करते हैं, इसलिए यह बीज गोदाम पर नहीं आता है।