फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lalit's last rites will be performed in village Pastra today

गांव पस्तरा में आज होगा ललित का अंतिम संस्कार

Sun, 27 Jul 2025 02:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 02:59 AM IST
विज्ञापन
Lalit's last rites will be performed in village Pastra today
अग्नीवीर ललित के परिजनों को ढांढस बांधते सांसद डाक्टर राजकुमार सांगवान फोटो संवाद
जानीखुर्द (मेरठ)। गांव पस्तरा निवासी पुंछ में बारूदी सुरंग फटने से बलिदान हुए ललित कुमार का पार्थिव शव रविवार को गांव पहुंचेगा। गांव के श्मशान घाट में ललित कुमार अंतिम संस्कार करने की पूरी तैयारी ग्राम पंचायत ने शनिवार को कर ली। दोपहर में मेरठ से सेना के लोग ललित कुमार के घर पहुंचे। उन्होंने शव यात्रा के रास्ते और अंतिम संस्कार के लिये श्मशान घाट के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन

जानी ब्लॉक के गांव पस्तरा निवासी राजपाल का सबसे छोटा बेटा अग्निवीर सैनिक ललित कुमार (20) शुक्रवार दोपहर जम्मू के पुंछ में बारूदी सुरंग फटने से बलिदान हो गया। उसकी जम्मू के पुंछ में पोस्टिंग थी। अग्निवीर सैनिक ललित कुमार के बलिदान से पूरे गांव में शोक है। डेढ़ साल पहले ही ललित अग्निवीर सैनिक पद पर भर्ती हुआ था। परिजनों के अनुसार सेना के अधिकारियों ने बताया है कि जम्मू से ललित कुमार का शव रात में दिल्ली पहुंचेगा। रविवार सुबह पार्थिव शव गांव पस्तरा पहुंचेगा। जहां पूरे सैनिक सम्मान से अग्निवीर ललित कुमार का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में किया जाएगा।
विज्ञापन

वहीं, गांव में शनिवार को क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक लोगों की भीड़ लगी रही। बागपत के सांसद डाॅ. राजकुमार सांगवान ने ललित कुमार के पिता राजपाल भाई कुलदीप और नितिन से मिलकर अपनी संवेदना प्रकट की। डाॅ. सांगवान ने पिता राजपाल से कहा कि आपका बेटा देश पर बलिदान हुआ है। संकट के इस समय पूरा देश आपके साथ है। सरकार से हर संभव सहायता दिलवाने का काम वह करेंगे। सहकारी चीनी मिल मोहिउद्दीनपुर के चेयरमैन दीपक ने भी परिवार से मिलकर अपनी संवदेना प्रकट की। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, राजीव पूनिया, यूसुफ सैफी ने भी परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल
जानीखुर्द। ललित कुमार की मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। सरोज ने बताया कि बेटे ने सेना का फार्म भरा तो इस बात को किसी से नहीं बताया। चयन होने पर वह बोला मैं सेना में सिपाही बन गया हुं, मेरी नौकरी लग गई। उसकी बात सुनकर एकाएक यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उसने लिस्ट में अपना नाम दिखाया तो यकीन हुआ। पूरा परिवार कई दिनों तक सेना में नौकरी लगने का जश्न मनाता रहा। हमारे परिवार में ललित पहला सरकारी नौकरी वाला था। नौ जुलाई को छुट्टी से वापस जाते समय उसने कहा था कि अपना ख्याल रखना में जल्द छुट्टी लेकर आऊंगा, लेकिन पता नहीं था कि उसका शव अब घर आएगा। बहन काजल ने बताया कि बचपन में ललित को खिलौने की बंदूक से खेलने का शोक था। यह शोक उसे सेना में लेकर गया। उसे पूरे परिवार की चिंता थी। पिता राजपाल का ललित की मौत पर बुरा हाल है। अपनी शोक संवदेना प्रकट करने आने वाले लोगों से बात करते हुए राजपाल की आखों में बार-बार आंसू आ जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed