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Meerut News: महाशिवरात्रि पर लाखों शिवभक्त आज करेंगे जलाभिषेक
Wed, 26 Feb 2025 01:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:52 AM IST
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इकरार अहमद..... महाशिवरात्रि पर सजा बाबा औघड़ नाथ मंदिर।
मेरठ। महाशिवरात्रि पर शहर के ऐतिहासिक बाबा औघड़नाथ सहित जिले के सभी मंदिरों में लाखों शिवभक्त जलाभिषेक करेंगे। प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा और निगरानी के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। हरिद्वार से जल लेकर मेरठ पहुंचे शिवभक्त चतुर्दशी का जलाभिषेक करेंगे। बाबा औघड़नाथ मंदिर में मेले जैसे माहौल रहेगा। मंदिर में व्यवस्थाओं और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए मंगलवार सुबह मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद और जिलाधिकारी वीके सिंह ने निरीक्षण किया।
उन्होंने शिवभक्तों के लिए बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल टायलेट, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, कंट्रोल रूम, चिकित्सा कैंप आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। आयुक्त व जिलाधिकारी ने बाबा औघडनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने श्रद्धालुओं के लिए कराए गए प्रबंध के बारे में बताया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार मौजूद रहे।
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उन्होंने शिवभक्तों के लिए बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल टायलेट, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, कंट्रोल रूम, चिकित्सा कैंप आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। आयुक्त व जिलाधिकारी ने बाबा औघडनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने श्रद्धालुओं के लिए कराए गए प्रबंध के बारे में बताया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार मौजूद रहे।
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जलाभिषेक से ग्रह आधारित दोष और रोग होते हैं दूर
शिवलिंग पर जलाभिषेक से ग्रह आधारित दोष और रोग दूर होते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं। सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं। भगवान शंकर सर्व कल्याणकारी देव के रूप में प्रतिष्ठित हैं। शिव की पूजा, आराधना समस्त मनोरथ को पूर्ण करती हैं। हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती हैं।
ओम नम: शिवाय का जाप करें
यजुर्वेदीय विधि विधान से पूजन श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन यदि इस विधान से परिचित नहीं है तो वे लोग केवल भगवान शिव के षडाक्षरी ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए रुद्राभिषेक का पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं। महाशिवरात्रि पर शिव आराधना करने से महादेव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं।
शिवलिंग पर जलाभिषेक से ग्रह आधारित दोष और रोग दूर होते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं। सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं। भगवान शंकर सर्व कल्याणकारी देव के रूप में प्रतिष्ठित हैं। शिव की पूजा, आराधना समस्त मनोरथ को पूर्ण करती हैं। हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती हैं।
ओम नम: शिवाय का जाप करें
यजुर्वेदीय विधि विधान से पूजन श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन यदि इस विधान से परिचित नहीं है तो वे लोग केवल भगवान शिव के षडाक्षरी ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए रुद्राभिषेक का पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं। महाशिवरात्रि पर शिव आराधना करने से महादेव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं।

इकरार अहमद..... महाशिवरात्रि पर सजा बाबा औघड़ नाथ मंदिर।

इकरार अहमद..... महाशिवरात्रि पर सजा बाबा औघड़ नाथ मंदिर।

इकरार अहमद..... महाशिवरात्रि पर सजा बाबा औघड़ नाथ मंदिर।
चार प्रहर में पूजा के लिए शुभ समय
- प्रथम प्रहर पूजा : शाम 6:39 बजे से 9:43 बजे तक
- द्वितीय प्रहर पूजा : रात 9:43 बजे से 12:47 बजे तक
- तृतीय प्रहर पूजा : रात 12:47 बजे से तड़के 3:51 बजे तक
- चतुर्थ प्रहर पूजा : सुबह 3:51 बजे से 6:55 बजे तक
अभिषेक की प्रक्रिया और उसके लाभ
- जल से रुद्राभिषेक करने पर वृष्टि होती है।
- कुशा जल से अभिषेक करने रोग से छुटकारा मिलता है।
- दही से अभिषेक करने पर पशु, भवन और वाहन की प्राप्ति होती है।
- गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी मिलती है।
- मधु युक्त जल से अभिषेक करने पर समृद्धि बढ़ती है।
- तीर्थ स्थल के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इत्र मिले जल से अभिषेक करने से निरोगी काया मिलती है।
- गंगाजल से अभिषेक करने से ज्वर ठीक होता है।
- दूध और शर्करा मिश्रित अभिषेक करने से विवेक जागृत होता है।
- घी से अभिषेक करने से वंश विस्तार होता है
- सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रु का नाश होता है
- प्रथम प्रहर पूजा : शाम 6:39 बजे से 9:43 बजे तक
- द्वितीय प्रहर पूजा : रात 9:43 बजे से 12:47 बजे तक
- तृतीय प्रहर पूजा : रात 12:47 बजे से तड़के 3:51 बजे तक
- चतुर्थ प्रहर पूजा : सुबह 3:51 बजे से 6:55 बजे तक
अभिषेक की प्रक्रिया और उसके लाभ
- जल से रुद्राभिषेक करने पर वृष्टि होती है।
- कुशा जल से अभिषेक करने रोग से छुटकारा मिलता है।
- दही से अभिषेक करने पर पशु, भवन और वाहन की प्राप्ति होती है।
- गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी मिलती है।
- मधु युक्त जल से अभिषेक करने पर समृद्धि बढ़ती है।
- तीर्थ स्थल के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इत्र मिले जल से अभिषेक करने से निरोगी काया मिलती है।
- गंगाजल से अभिषेक करने से ज्वर ठीक होता है।
- दूध और शर्करा मिश्रित अभिषेक करने से विवेक जागृत होता है।
- घी से अभिषेक करने से वंश विस्तार होता है
- सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रु का नाश होता है