लड्डू गोपाल की छठी पर भक्ति में डूबा शहर, धूमधाम से निकली शोभायात्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महानगर में भगवान श्री कृष्ण की छठी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। मंदिरों में पूजन और संकीर्तन किया गया जगह-जगह कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई।
भगवान परशुराम श्री राधा-कृष्ण मंदिर समिति अध्यक्ष जितेंद्र मणि ने भगवान को भोग लगाया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में सच्चिदानंद शर्मा, मुकेश शर्मा, संजय शर्मा, विवेक गौड़, वीके शर्मा, सुशील बंसल, सुभाष शर्मा, सचिन शर्मा, मधुमय शर्मा, राजू शर्मा, ज्ञानेंद्र शर्मा, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा शहर के विभिन्न मंदिरों में कढ़ी चावल का प्रसाद बांटा गया। मेट्रो प्लाजा, बुढ़ाना गेट, सूरजकुंड आदि सहित कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा निकाली
श्री सनातन धर्म युवक सभा ने श्रीकृष्ण छठी पूजन पर पंचायती मंदिर लालकुर्ती से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मुख्य डोला श्री राधा-कृष्ण का रहा। शुभारंभ लक्की सेठी ने किया। भगवान श्री कृष्ण के मुख्य डोले का पूजन कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने किया। सरधना विधायक संगीत सोम बतौर मुख्य अतिथि रहे। इसमें सबसे आगे बैंडबाजे पर धार्मिक धुन बज रही थी। इनके पीछे गणेश जी और राधा-कृष्ण, श्रीराम दरबार, शिव पार्वती की मुख्य झांकी रही। शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर लालकुर्ती के विभिन्न मार्गों से निकाली गई। जगह जगह कढ़ी चावल और खीर का प्रसाद भी बांटा गया। पंचायती मंदिर कमेटी के प्रधान नीरज गोयल, धीरज गोयल, प्रफुल्ल राजवंशी, अंकित गुप्ता, मनोज गोयल, काके यादव, विरेन्द्र सिंहल, सतीश गर्ग, आकाश, प्रभात गुप्ता, पंकज गोयल, पवन सिंहल आदि मौजूद रहे।
हरे राम हरे कृष्णा संकीर्तन में झूम उठे श्रद्धालु
कथा वाचक कृष्ण दास ने राधा गोविंद मंडप गढ़ रोड पर श्रीमद्भागवत कथा कहते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ही मानव को कलियुग में भव सागर से तार सकते हैं। मानव को श्रद्धा के साथ श्री राधा- कृष्ण नाम का जाप करना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद् भागवत में जो उपदेश दिए हैं वह मानव जीवन के लिए वरदान हैं। श्री राधा माधव जन कल्याण समिति के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। शुक्रवार को कृष्ण दास ने हरे राम हरे कृष्णा के संकीर्तन के साथ कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पढ़ने और सुनने से मानव का कल्याण हो जाता है। प्रभु कण कण में हैं। उन्होंने गोवंश की रक्षा का संदेश दिया। गोविंद दास, अनुपम कृष्ण दास, वनमाली गोविंद दास, विमल प्रभु, हरिपाल आश्रय प्रभु, वेदांत कृष्ण दास, सतसंग प्रेमी दास आदि रहे।