{"_id":"67a3ce3991c757fb5d0e2935","slug":"lab-readyits-been-a-year-and-a-half-staff-and-equipment-have-not-been-found-meerut-news-c-14-1-mrt1001-775361-2025-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: लैब तैयार...सवा साल हो गया नहीं मिला स्टाफ-उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: लैब तैयार...सवा साल हो गया नहीं मिला स्टाफ-उपकरण
विज्ञापन
मेरठ। पीएल शर्मा जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब करीब सवा साल से शुरू होने का इंतजार कर रही है। लैब के गेट पर ताला लटका है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज आने वाले करीब 1500 मरीजों को इंतजार है कि इसका ताला कब खुलेगा, जांच कब शुरू होगी।
इस इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का सितंबर 2023 में शिलान्यास हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्चुअली किया था, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। न तो पूरे जांच उपकरण आए हैं और न ही अलग से स्टाफ मिला है। इस लैब में गंभीर बीमारियों की जांच होनी है। अभी जो सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते हैं, लैब बनने के बाद वे वहां नहीं भेजने पड़ेंगे।
यह लैब तैयार होने के बाद एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब की तरह कार्य करेगी, जबकि जिला अस्पताल में जो पहले से पैथोलॉजी लैब है वह पहले की तरह कार्य करती रहेगी। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि आईपीएचएल लैब शुरू होने के बाद सभी जांच सुविधा एक ही जगह मिलेंगी। मरीजों को जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल लैब शुरू नहीं हो पाई है। इसे शुरू कराने के लिए स्टाफ और उपकरण के लिए शासन से पत्राचार चल रहा है।
विज्ञापन
इस लैब में ये होंगी जांचें
कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टायफायड, हेपेटाइटिस, संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें, कैंसर, अल्जाइमर और अन्य सभी गैर संचारी रोगों की जांच। अभी इनमें से अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में होती हैं।
विज्ञापन
इस इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का सितंबर 2023 में शिलान्यास हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्चुअली किया था, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। न तो पूरे जांच उपकरण आए हैं और न ही अलग से स्टाफ मिला है। इस लैब में गंभीर बीमारियों की जांच होनी है। अभी जो सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते हैं, लैब बनने के बाद वे वहां नहीं भेजने पड़ेंगे।
विज्ञापन
यह लैब तैयार होने के बाद एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब की तरह कार्य करेगी, जबकि जिला अस्पताल में जो पहले से पैथोलॉजी लैब है वह पहले की तरह कार्य करती रहेगी। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि आईपीएचएल लैब शुरू होने के बाद सभी जांच सुविधा एक ही जगह मिलेंगी। मरीजों को जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल लैब शुरू नहीं हो पाई है। इसे शुरू कराने के लिए स्टाफ और उपकरण के लिए शासन से पत्राचार चल रहा है।
विज्ञापन
इस लैब में ये होंगी जांचें
कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टायफायड, हेपेटाइटिस, संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें, कैंसर, अल्जाइमर और अन्य सभी गैर संचारी रोगों की जांच। अभी इनमें से अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में होती हैं।