{"_id":"5a73675a4f1c1b92268b7b98","slug":"laagat-se-der-guna-samarthan-mulya","type":"story","status":"publish","title_hn":"लागत से डेढ़ गुणा एमएसपी पर किसान खुश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लागत से डेढ़ गुणा एमएसपी पर किसान खुश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम बजट 2018-19 में फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) फसल उत्पादन लागत से डेढ़ गुणा करने का चुनावी वादा पूरा करने से किसानों के चेहरे खिल गए। किसान संगठन लंबे समय से एमएसपी को डेढ़ गुणा करने की मांग कर रहे थे। हालांकि किसान कर्ज माफी की घोषणा नहीं होने से मायूस भी है। किसानों का कहना है कि चार साल से एमएसपी डेढ़ गुणा नहीं करने से किसानों पर कर्ज बढ़ा है। इसके चलते वे आत्महत्या कर रहे हैं।
भाजपा ने सत्ता में आने से पहले फसल का दाम उसकी लागत से डेढ़ गुणा करने की घोषणा की थी। लेकिन चार साल तक घोषणा पूरी नहीं होने से चौतरफा किरकिरी हो रही थी। देश के करीब 190 किसान संगठन सरकार के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों की मांग की थी केंद्र सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करे और डेढ़ गुणा एमएसपी के अलावा संपूर्ण कर्ज भी माफ करे। बढ़ते चौतरफा दबाव और लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए किसानों को उम्मीद थी इस बजट में उन्हें तोहफा मिलेगा।
बृहस्पतिवार को घोषित बजट में जैसे ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खरीफ की फसलों का भी एमएसपी घोषित करने और एमएसपी फसल लागत से डेढ़ गुणा करने की घोषणा की। हालांकि विपक्षी दल इसकी गुणा-भाग अपने-अपने हिसाब से करके सरकार को घेरने का काम कर रहे हैं। दौराला के किसान अजित सिंह अहलावत, पाथौली के किसान वरुण सांगवान, संजय सांगवान, बहलोलपुर निवासी सुदेश चौधरी, मसूरी निवासी कुलदीप काकराण, मीठेपुर निवासी पप्पु गुर्जर आदि ने एमएसपी के डेढ़ गुणा होने का स्वागत किया। कहा कि इससे किसानों को आने वाले समय में काफी राहत मिलेगी। बशर्ते सरकार फसल उत्पादन लागत का सही से आंकलन करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा ने सत्ता में आने से पहले फसल का दाम उसकी लागत से डेढ़ गुणा करने की घोषणा की थी। लेकिन चार साल तक घोषणा पूरी नहीं होने से चौतरफा किरकिरी हो रही थी। देश के करीब 190 किसान संगठन सरकार के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों की मांग की थी केंद्र सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करे और डेढ़ गुणा एमएसपी के अलावा संपूर्ण कर्ज भी माफ करे। बढ़ते चौतरफा दबाव और लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए किसानों को उम्मीद थी इस बजट में उन्हें तोहफा मिलेगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को घोषित बजट में जैसे ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खरीफ की फसलों का भी एमएसपी घोषित करने और एमएसपी फसल लागत से डेढ़ गुणा करने की घोषणा की। हालांकि विपक्षी दल इसकी गुणा-भाग अपने-अपने हिसाब से करके सरकार को घेरने का काम कर रहे हैं। दौराला के किसान अजित सिंह अहलावत, पाथौली के किसान वरुण सांगवान, संजय सांगवान, बहलोलपुर निवासी सुदेश चौधरी, मसूरी निवासी कुलदीप काकराण, मीठेपुर निवासी पप्पु गुर्जर आदि ने एमएसपी के डेढ़ गुणा होने का स्वागत किया। कहा कि इससे किसानों को आने वाले समय में काफी राहत मिलेगी। बशर्ते सरकार फसल उत्पादन लागत का सही से आंकलन करे।
विज्ञापन