प्रयागराज कुंभ: मुजफ्फरनगर में 50 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी, दी गई सख्त चेतावनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज में शुरू होने जा रहे कुंभ मेले के मद्देनजर नदियों की सफाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नदियां कहीं न कहीं गंगा और यमुना में जाकर मिलती हैं। इसलिए इनमें प्रदूषित पानी का प्रवाह रोकने को कदम उठाए गए हैं। जिले की करीब 50 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर दूषित पानी नदियों में बहाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही इसकी निगरानी के लिए निरीक्षण भी समय समय पर हो रहा है।
15 जनवरी में प्रयागराज में कुंभ मेला शुरू हो रहा है। जनपद की शुगर मिलों, पेपर मिलों, डिस्टलरियों के अलावा नगर निकायों से दूषित पानी निकलता है। इस पानी को आसपास की नदियों और नालों में बहा दिया जाता है। यह नाले या नदी कहीं न कहीं गंगा और यमुना में जाकर मिलते हैं।
उनका जल भी दूषित होता है। प्रयागराज की पवित्रता को बनाए रखने के लिए नदियों के जल प्रदूषण पर लगाम लगाई जा रही है। जनपद से काली पूर्वी और काली पश्चिमी नदी निकलती है। इन दोनों नदियों में कुछ फैक्ट्रियों और शहर का गंदा पानी जाता है। पानी का बहाव नहीं होने के कारण इन नदियों ने नाले का रूप ले लिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले की 50 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए हैं।
इनमें शुगर मिलों के अलावा पेपर मिल और डिस्टलरी भी शामिल हैं। इन सभी उद्योगों को नदियों में प्रदूषित पानी नहीं डालने की हिदायत दी गई है। कहा गया है कि उद्योगों से निकलने वाले पानी को टैंकरों में भरकर खेतों में डलवा दें। किसी भी तरह से दूषित पानी नदियों में न जाने पाए। इसे रोकने के लिए उद्योगों का लगातार निरीक्षण भी किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन ऑनलाइन अपडेट की जा रही है।
नजदीक हैं प्रमुख स्नान की तिथि
प्रयागराज कुंभ 15 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इस दिन मकर संक्रांति का प्रमुख स्नान है। 21 जनवरी पौष पूर्णिमा, चार फरवरी मौनी अमावस्या, 10 फरवरी वसंत पंचमी, 19 फरवरी माघ पूर्णिमा और चार मार्च को महाशिवरात्रि पर महत्वपूर्ण स्नान हैं।
इन स्नान तिथियों को देखते हुए उद्योगों को जीरो डिस्चार्ज के निर्देश दिए गए हैं। इसका उल्लंघन होने पर उद्योग के खिलाफ बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
उद्योगों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। नदियों में दूषित पानी डालने पर पूरी तरह रोक है। यदि कहीं उल्लंघन होता मिला तो उद्योग के खिलाफ बंदी की कार्रवाई की जाएगी। - डीसी पांडेय, सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/