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कृषि में उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएं : विजयपाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:57 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में रविवार को कृषि उद्यमिता द्वारा महिला किसानों के सशक्तिकरण विषय पर आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें समेकित कृषि प्रणाली और समेकित जैविक कृषि प्रणाली में उद्यमिता विकास के ज्ञान को अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर रहे। डॉ. अरविंद कुमार कुलपति रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि झांसी मुख्य अतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के कुलपति प्रोफेसर गया प्रसाद विशिष्ट अतिथि रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया। राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने कहा कि भारतीय कृषि में उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने भारतवर्ष में लघु एवं सीमांत कृषकों की दयनीय स्थिति एवं बहुत कम वार्षिक आय लगभग 6324 रुपये पर चिंता भी जताई। डॉ. अरविंद कुमार ने महिलाओं को कृषि विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करें। इस शिविर में 16 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने कहा कि वैज्ञानिकों को किसानों को और भी जागरूक करने की जरूरत है। कृषि अब घाटे का सौदा नहीं है, प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2022 तक किसान की आय दोगनी की जाए। अतिथियों ने सभी को प्रमाण पत्र वितरित किए। डॉ. निशा वर्मा कार्यक्रम की निदेशक रही। डॉ. अमित नाथ, दुष्यंत मिश्रा, डॉ. चंद्रभानू आदि का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर रहे। डॉ. अरविंद कुमार कुलपति रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि झांसी मुख्य अतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के कुलपति प्रोफेसर गया प्रसाद विशिष्ट अतिथि रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया। राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने कहा कि भारतीय कृषि में उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने भारतवर्ष में लघु एवं सीमांत कृषकों की दयनीय स्थिति एवं बहुत कम वार्षिक आय लगभग 6324 रुपये पर चिंता भी जताई। डॉ. अरविंद कुमार ने महिलाओं को कृषि विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करें। इस शिविर में 16 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने कहा कि वैज्ञानिकों को किसानों को और भी जागरूक करने की जरूरत है। कृषि अब घाटे का सौदा नहीं है, प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2022 तक किसान की आय दोगनी की जाए। अतिथियों ने सभी को प्रमाण पत्र वितरित किए। डॉ. निशा वर्मा कार्यक्रम की निदेशक रही। डॉ. अमित नाथ, दुष्यंत मिश्रा, डॉ. चंद्रभानू आदि का सहयोग रहा।
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