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कूडे़ से नर्क बना शहर, निगम भी बेपरवाह
amarujala
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:02 AM IST
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- फोटो : amarujala
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शहर में लगे कूड़े के ढेर का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में गूंजा। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने विधानसभा में कहा कि मेरठ की जनता इस समय नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। कूड़े से निजात के लिए गांवड़ी में जल्द कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाया जाए। साथ ही जल निकासी का स्थाई समाधान होना चाहिए।
कैंट विधायक ने कहा कि मेरठ शहर से रोजाना लगभग 1200 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा शहर के करीब 250 स्थानों पर डाला जाता है। इसके बाद नगर निगम की गाड़ियां कूड़े को गांवड़ी के डंपिंग ग्राउंड में डाल देती हैं। इससे पहले यह शहर में मंगतपुरम में डाला जाता था। वहां अब कूड़े का पहाड़ बन चुका है। इसे हाईकोर्ट ने हटाने के आदेश किये हैं। पिछले एक सप्ताह से ग्राम गांवड़ी के लोग डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध कर रहे हैं। इस कारण शहर का कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। इस समय हालात ये हैं कि शहर में 8000 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जमा है। नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या के सामने बौने साबित हो रहे हैं। ऐसे में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट अतिशीघ्र स्थापित किया जाये।
कैंट विधायक ने शहर में होने वाले जलभराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को हुई बारिश में शहर की 95 प्रतिशत कालोनियों में तीन से चार फुट तक जलभराव हो गया था। यह स्थिति मात्र चार घंटे में पैदा हो गयी थी। उन्होंने कहा कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से सरकारी धन का भी नुकसान हो रहा है। क्योंकि एक तरफ सड़कें बनती हैं और दूसरी तरफ जलभराव के कारण टूट जाती है। इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाये।
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कैंट विधायक ने कहा कि मेरठ शहर से रोजाना लगभग 1200 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा शहर के करीब 250 स्थानों पर डाला जाता है। इसके बाद नगर निगम की गाड़ियां कूड़े को गांवड़ी के डंपिंग ग्राउंड में डाल देती हैं। इससे पहले यह शहर में मंगतपुरम में डाला जाता था। वहां अब कूड़े का पहाड़ बन चुका है। इसे हाईकोर्ट ने हटाने के आदेश किये हैं। पिछले एक सप्ताह से ग्राम गांवड़ी के लोग डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध कर रहे हैं। इस कारण शहर का कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। इस समय हालात ये हैं कि शहर में 8000 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जमा है। नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या के सामने बौने साबित हो रहे हैं। ऐसे में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट अतिशीघ्र स्थापित किया जाये।
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कैंट विधायक ने शहर में होने वाले जलभराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को हुई बारिश में शहर की 95 प्रतिशत कालोनियों में तीन से चार फुट तक जलभराव हो गया था। यह स्थिति मात्र चार घंटे में पैदा हो गयी थी। उन्होंने कहा कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से सरकारी धन का भी नुकसान हो रहा है। क्योंकि एक तरफ सड़कें बनती हैं और दूसरी तरफ जलभराव के कारण टूट जाती है। इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाये।
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