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दमदार और स्थानीय चेहरे की तलाश जारी, किठौर से गुर्जर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में भाजपा

Thu, 22 Dec 2016 06:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Thu, 22 Dec 2016 06:28 PM IST
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continue to seek face of strong local, Kitur Gujjar seats from BJP in preparation
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

भाजपा विधानसभा चुनाव में जातिगत आंकड़ों पर ध्यान देने के साथ ही दमदार चेहरे पर दांव लगाना चाहती है। इसके चलते इस बार भी पार्टी में किठौर सीट पर गुर्जर बिरादरी से प्रत्याशी उतारने की कवायद चल रही है। पार्टी में दमदार और स्थानीय चेहरे की तलाश जारी है। इसके पीछे हस्तिनापुर के गुर्जरों को भी पूरी तरह अपनी तरफ जोड़ने की रणनीति मानी जा रही है।

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जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। सभी पर गुर्जर बिरादरी निर्णायक भूमिका में नजर आती है। सिर्फ शहर सीट ही ऐसी हैं, जहां गुर्जर सबसे कम संख्या में 15 हजार के करीब हैं। जबकि, सबसे ज्यादा हस्तिनापुर सीट और उसके बाद किठौर सीट पर हैं। वर्ष-2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किठौर सीट से गुर्जर प्रत्याशी के रूप में पूर्व मंत्री जयपाल सिंह को मैदान में उतारा था। कमजोर चुनावी रणनीति के चलते वह चौथे नंबर पर रहे थे। जबकि, दक्षिण सीट पर हिंदू मतों का ध्रुवीकरण होने से भाजपा के रविंद्र भड़ाना को जीत मिली। अब इस बार भी भाजपा किठौर में गुर्जर पर ही दांव खेलने की तैयारी में है। इसका कारण हस्तिनापुर के साथ अन्य सीटों पर भी गुर्जर मतों को अपने साथ जोड़ना माना जा रहा है। नये परिसीमन में किठौर क्षेत्र का जो भाग हस्तिनापुर विधानसभा में शामिल हुआ है, वह गुर्जर बाहुल्य है। हस्तिनापुर में 75 हजार गुर्जर वोट हैं, जो किठौर के बराबर वाले हिस्से से जुड़ते हैं। ऐसे में यह रणनीति किठौर को अप्रत्यक्ष और हस्तिनापुर आरक्षित सीट को सीधे प्रभावित करती हैं।
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यह हैं जातिगत आंकड़े
किठौर के अगर जातिगत आंकड़ों पर नजर डालें तो गुर्जर करीब 55 हजार, त्यागी 20 हजार, राजपूत 27 हजार, जाट 17 हजार, दलित 50 हजार तो मुस्लिम 1.15 लाख के करीब हैं। ऐसे में गुर्जर मतों का ध्रुवीकरण अपने पक्ष में करते हुए भाजपा यहां जीत का समीकरण बनाना चाहती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना की पत्नी के साथ ही पूर्व विधायक रामकृष्ण वर्मा के पुत्र जितेंद्र वर्मा जो कि पहले भी किठौर सीट से 2002 में चुनाव लड़ चुके हैं, दावेदारी जता रहे हैं। इनके बीच किठौर क्षेत्र के रहने वाले जिला पंचायत सदस्य रोहताश पहलवान ने भी मजबूती से दावेदारी की हुई है। दूसरी तरफ त्यागी बिरादरी से प्रदेश उपाध्यक्ष अश्वनी त्यागी, सतबीर त्यागी और अजय त्यागी भी दावेदारी कर रहे हैं। त्यागी बिरादरी का दावा है कि तमाम जातियों को प्रतिनिधित्व देने की नीति में किठौर से त्यागी समाज के व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया जाए।

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