{"_id":"5de578868ebc3e54936d5131","slug":"kisan-sabha-raised-the-problems-of-farmers-mawana-news-mrt456715541","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान सभा ने किसानों की समस्याएं उठाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान सभा ने किसानों की समस्याएं उठाईं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मवाना। उत्तर प्रदेश किसान सभा ने गन्ना मूल्य घोषित किए जाने तथा आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग उठाई। इस बाबत मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश किसान सभा ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव को बताया कि पेराई सत्र चालू हुए करीब 30 दिन हो गए हैं। इसके बावजूद सरकार ने गन्ने का मूल्य निर्धारित नहीं किया है। जिस कारण मिलें किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान नहीं कर रही हैं। भाजपा ने वायदा किया था कि सरकार में आने पर डेढ़ गुना मूल्य दिया जाएगा। तीन वर्ष पूरे होने को हैं परंतु गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है। इससे गन्ना किसानों में रोष है।
आवारा पशुओं से किसान बेहाल हैं। उनका कहना है कि किसान फसलों को लागत लगाकर तैयार करता है। वहीं, आवारा पशु उसे तहत-नहस कर रहे हैं। इससे सरकार के तमाम दावे धरे रह गए हैं। किसानों की शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिस कारण किसान के सामने फसल बचाने का नया संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने गन्ने का मूल्य 480 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, किसानों से सरकारी देयों पर पैनल्टी नहीं ली जाए। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अविलंब दिलाने, घोषणा के अनुसार प्रत्येक किसान को सम्मान निधि से किस्त दी जाए। आवारा पशुओं को पकड़वाने की व्यवस्था की जाए। वहीं, किसानों का उत्पीड़न न किया जाए। यहां मंडलीय सचिव जितेंद्रपाल सिंह, जिला मंत्री मनोज धामा, बिल्लू, जावेद, महा सिंह, जगदीश कोहला, कुलदीप देशवाल आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश किसान सभा ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव को बताया कि पेराई सत्र चालू हुए करीब 30 दिन हो गए हैं। इसके बावजूद सरकार ने गन्ने का मूल्य निर्धारित नहीं किया है। जिस कारण मिलें किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान नहीं कर रही हैं। भाजपा ने वायदा किया था कि सरकार में आने पर डेढ़ गुना मूल्य दिया जाएगा। तीन वर्ष पूरे होने को हैं परंतु गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है। इससे गन्ना किसानों में रोष है।
विज्ञापन
आवारा पशुओं से किसान बेहाल हैं। उनका कहना है कि किसान फसलों को लागत लगाकर तैयार करता है। वहीं, आवारा पशु उसे तहत-नहस कर रहे हैं। इससे सरकार के तमाम दावे धरे रह गए हैं। किसानों की शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिस कारण किसान के सामने फसल बचाने का नया संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने गन्ने का मूल्य 480 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, किसानों से सरकारी देयों पर पैनल्टी नहीं ली जाए। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अविलंब दिलाने, घोषणा के अनुसार प्रत्येक किसान को सम्मान निधि से किस्त दी जाए। आवारा पशुओं को पकड़वाने की व्यवस्था की जाए। वहीं, किसानों का उत्पीड़न न किया जाए। यहां मंडलीय सचिव जितेंद्रपाल सिंह, जिला मंत्री मनोज धामा, बिल्लू, जावेद, महा सिंह, जगदीश कोहला, कुलदीप देशवाल आदि थे।
विज्ञापन