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शहर का खेल उद्योग विश्व पटल पर लहराएगा परचम
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मेरठ। शहर के उद्योग बढ़ाने के लिए कच्चे माल की आवश्यकता के साथ ही मेरठ के प्रमुख ब्रांड को विश्वस्तर पर स्थापित करने के लिए स्पोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल के पदाधिकारियों की नीति आयोग के सीनियर एडवाइजर संजीत सिंह के साथ बैठक हुई। इसमें मेरठ शहर के खेल उद्योग को संगठित नई पहचान देने पर मंथन किया गया। यहां के उद्यमियों ने भी सुझाव दिए। नीति आयोग के अधिकारियों ने कहा कि 15 अगस्त के बाद टीम जिले में उद्योगों के निरीक्षण के लिए आएगी।
खेल सामान और खिलौने निर्यात संवर्धन परिषद (एसजीईपीसी) के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीव सिंह और उनकी टीम ने मेरठ के खेल उद्योग के विषय को सुना। उन्होंने बताया कि खेल उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने अपने कुछ सुझाव दिए। प्रतिनिधिमंडल में शामिल उपाध्यक्ष अंबर आनंद, क्षेत्रीय निदेश संजय भल्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंबर आनंद ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए उद्योग को सभी तरह की एनओसी एक ही प्वाइंट पर देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उद्योग विस्तार के लिए विभागीय स्तर पर सहयोग की अहम आवश्यकता है।
उद्यमी सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि मेरठ में खेल से जुड़े 20 हजार से अधिक उद्यम हैं। कुल उद्योगों की संख्या करीब एक लाख हो चुकी है। वर्तमान स्थिति में उद्योग विस्तार के लिए नियमों में शिथिलता की आवश्यकता है। इस संबंध आयोग को भी अवगत कराया गया है। मूलभूत सुविधाओं का औद्योगिक क्षेत्र में अभाव है। आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि जल्द ही बड़े बदलाव किए जाएंगे।
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कश्मीरी विलो की समस्या भी दूर की जाए
मेरठ। नीति आयोग के सीनियर एडवाइजर संजीव सिंह को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि उद्योग विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। विश्व पटल पर 2036 तक खेल उद्योग को स्थापित करना है तो हमें नई टेक्नोलॉजी की भी आवश्यकता है। इसमें सरकार की अहम भूमिका और योगदान भी चाहिए। सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि कश्मीरी विलो संबधी समस्या का भी अब तक समाधान नहीं हुआ है। इसमें कश्मीर में कुछ नियम भी अवरोधक हैं। निर्यात बढ़ाने के लिए फंड भी मिलने चाहिएं। ब्यूरो
खेल सामान और खिलौने निर्यात संवर्धन परिषद (एसजीईपीसी) के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीव सिंह और उनकी टीम ने मेरठ के खेल उद्योग के विषय को सुना। उन्होंने बताया कि खेल उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने अपने कुछ सुझाव दिए। प्रतिनिधिमंडल में शामिल उपाध्यक्ष अंबर आनंद, क्षेत्रीय निदेश संजय भल्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंबर आनंद ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए उद्योग को सभी तरह की एनओसी एक ही प्वाइंट पर देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उद्योग विस्तार के लिए विभागीय स्तर पर सहयोग की अहम आवश्यकता है।
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उद्यमी सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि मेरठ में खेल से जुड़े 20 हजार से अधिक उद्यम हैं। कुल उद्योगों की संख्या करीब एक लाख हो चुकी है। वर्तमान स्थिति में उद्योग विस्तार के लिए नियमों में शिथिलता की आवश्यकता है। इस संबंध आयोग को भी अवगत कराया गया है। मूलभूत सुविधाओं का औद्योगिक क्षेत्र में अभाव है। आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि जल्द ही बड़े बदलाव किए जाएंगे।
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कश्मीरी विलो की समस्या भी दूर की जाए
मेरठ। नीति आयोग के सीनियर एडवाइजर संजीव सिंह को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि उद्योग विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। विश्व पटल पर 2036 तक खेल उद्योग को स्थापित करना है तो हमें नई टेक्नोलॉजी की भी आवश्यकता है। इसमें सरकार की अहम भूमिका और योगदान भी चाहिए। सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि कश्मीरी विलो संबधी समस्या का भी अब तक समाधान नहीं हुआ है। इसमें कश्मीर में कुछ नियम भी अवरोधक हैं। निर्यात बढ़ाने के लिए फंड भी मिलने चाहिएं। ब्यूरो