यूपी: गांवों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण, मरीजों की तलाश के लिए चल रहा अभियान, अधिकारी कैंप लगाकर कर रहे जांच
उत्तर प्रदेश के गांवों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहीं गांव देहात के लोग काफी डरे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना मरीजों की तलाश के लिए विशेष जांच अभियान चलाया है। अब घर-घर में कोरोना मरीजों को तलाशा जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में गांव-गांव में कोरोना ही नहीं बुखार से भी लोग डरे हुए हैं। सरधना क्षेत्र के खेड़ा में 13 दिन में 12 और बहसूमा के अकबरपुर सादात में 14 दिन में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। अकबरपुर सादात गांव में एक मौत कोरोना से होना बताई गई है। वहीं जानी में 10 दिन में छह ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
शहीदों के नाम से जाना जाने वाले खेड़ा गांव में लगातार हो रही मौतों पर स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को सुध ली है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और नि:शुल्क दवाई दी। गांव में पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी ने भी ग्रामीणों से बातचीत की।
गांव में चार दिन पूर्व भामौरी गांव निवासी अजित सिंह की संक्रमण के चलते मौत हो गई। अजित सिंह भामौरी के बिजलीघर पर एसएसओ के पद पर कार्यरत थे। ग्रामीणों ने बताया कि उसके बाद से गांव में लगातार हर दिन एक या दो मौतें हो रही है। एसएसओ अजित सिंह 50 के बाद सतीश कुमार 45 वर्ष, प्रवेश 42 वर्ष, रज्जो 40 वर्ष, ब्रजवती 70 वर्ष, गीता 50 वर्ष, राजपाल 85 वर्ष, बबीता 45 वर्ष, सोनू 38 वर्ष, सावित्री 85 वर्ष, इंद्रो देवी 95 वर्ष, हरिओम 65 वर्ष की अब तक मौत हो चुकी है। खेड़ा गांव में 26 अप्रैल को एक महिला की मौत हुई थी। उसके बाद से लगातार मौत हो रही है। खेड़ा के ग्राम प्रधान कपिल कुमार का कहना है कि गांव में एक से 13 मई के बीच 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जिन लोगों को बुखार के चलते कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ऐसे ही करीब तीस लोगों को कोरोना किट भी उपलब्ध कराई हैं।
वहीं, बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात में भी 14 दिन में 12 मौत हो चुकी है। गुरुवार को मंजूर अहमद 35 वर्ष की कोरोना से और बबलू 30 वर्ष की मौत बुखार से हुई। गांव में लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीण सतवीर भाटी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग गांवों की कोई सुध नहीं ले रहा है। सूचना देने पर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कर्मचारी गांव में नहीं आ रहा है। ग्रामीण बुखार होते ही खुद को आइसोलेट कर लेते है और झोलाछाप डॉक्टरों से ही दवा खाने को मजबूर है।
कोरोना से नहीं हुई एक भी मौत
खेड़ा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर जांच कर रही है। गुरुवार को भी कैंप लगाकर जांच की गई और नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। गांव में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। एक महिला की कोरोना से मौत होना बताया जा रहा था, उसकी भी पुष्टि नहीं हो सकी। - डॉ. राजेश कुमार सीएचसी प्रभारी सरधना
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप
सरधना के खेड़ा गांव में हो रही लगातार मौतों पर गुरुवार को प्रशासन ने ग्रामीणों की सुध ली। मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, बीडीओ सुनीत कुमार भाटी, सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार गुरुवार को गांव पहुंचे और शिविर लगाकर 80 ग्रामीणों की जांच की। इसमें तीन लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिन जगहों पर कोरोना पॉजिटिव मिले है उन्हें कंटेनमेंट जोन घोषित कर वहां बल्ली आदि लगाकर बैरिकेट किया गया। वहीं सीडीओ व बीडीओ ने सलावा, कैली, दादरी आदि गांवों का भी दौरा किया। कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया। वहीं सफाई कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में साफ सफाई अभियान चलाया।
ग्रामीणों ने कराया हवन
खेड़ा गांव में बुखार व अन्य बीमारी से हो रही मौत को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को हवन यज्ञ भी कराया। हवन के दौरान ग्रामीणों ने कोरोना के खात्मे की मन्नतें मांगी।
500 लोगों को वितरित किए मास्क व सैनिटाइजर
वहीं बहसूमा में कोरोना वैश्विक महामारी में सामाजिक संगठन व संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। गुरुवार को एमजे संस्था के तत्वावधान में गरीब लोगों को मास्क व सैनिटाइजर वितरित किए गए। एम जे संस्था के पदाधिकारी गिरिराज ने बताया की कस्बे में विभिन्न जगहों पर 500 मास्क वितरित किए। इस दौरान दिनेश जैनर, राजू गुर्जर, नवीन जैनर आदि मौजूद रहे।
पूर्व सभासद राजू सैनी की मौत
सरधना में मोहल्ला तहसील रोड निवासी 45 वर्षीय राजू सैनी की छह दिन पूर्व तबीयत खराब हुई थी। जिसमें बुखार की शिकायत के साथ सांस लेने में परेशानी हुई। जिसमें उसे उपचार के लिए नगर के ही प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार कराया। आराम नहीं लगने पर उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। राजू सैनी का मेडिकल में उपचार चल रहा था और गुरुवार को दोपहर के समय राजू सैनी की मौत हो गई। परिजन कोरोना जैसे लक्षण के चलते राजू सैनी की मौत होना बता रहे हैं, जबकि सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कोरोना से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।