फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Kharkhoda triple encounter case: Court rejects final report.

Meerut News: खरखौदा ट्रिपल एनकाउंटर मामला, कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट की खारिज

Fri, 26 Jun 2026 12:44 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
Kharkhoda triple encounter case: Court rejects final report.
खरखौदा ट्रिपल एनकाउंटर मामला, कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट की खारिज
विज्ञापन

- सीबीसीआईडी मेरठ सेक्टर को सौंपी अग्रिम विवेचना
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। खरखौदा में तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा शराब ठेके के सेल्समैन को कथित रूप से गोली मारने के बाद हुए चर्चित ट्रिपल एनकाउंटर मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल सीजेएम ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले की अग्रिम विवेचना के आदेश जारी किए हैं। साथ ही विवेचना की जिम्मेदारी सीबीसीआईडी मेरठ सेक्टर को सौंपी है। न्यायालय के इस आदेश से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
मामला 9 सितंबर 2007 को कस्बा खरखौदा स्थित एक शराब ठेके से जुड़ा है। बताया गया था कि शराब खरीदने के दौरान हुए विवाद में ठेके के सेल्समैन को गोली मार दी गई थी। घटना के बाद ठेके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए थे। इसके बाद पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी शुरू की थी।
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार, तत्कालीन थाना प्रभारी महिपाल सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान तीन युवकों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था। मृतकों की पहचान प्रवीण कुमार पुत्र दिमाग सिंह, ज्ञानेंद्र पुत्र भागमल सिंह और अमित कुमार पुत्र महाराज सिंह निवासी ग्राम साधारनपुर, थाना इंचौली के रूप में हुई थी। तीनों गुर्जर समाज से थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रिपल एनकाउंटर के बाद गुर्जर समाज में भारी रोष फैल गया था। मामले को लेकर गांव साधारनपुर में कई बार पंचायतें आयोजित हुईं। परिजनों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। बाद में पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दी थी।
मृतक प्रवीण कुमार के पिता दिमाग सिंह ने अपने पुत्र को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखी। उनकी ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार तोमर ने न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। अधिवक्ता ने बताया कि स्पेशल सीजेएम ने एक मई 2026 को पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को निरस्त दी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मामले की अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। न्यायालय ने यह विवेचना सीबीसीआईडी मेरठ सेक्टर को सौंपी है।

अब सीबीसीआईडी मामले की दोबारा जांच कर एनकाउंटर से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करेगी। न्यायालय के इस आदेश को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed