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सियासी अखाड़ा बना कपसाड़: सत्ता पक्ष गांव में, विपक्ष के सामने बैरिकेड्स की दीवार, नेताओं के साथ धक्कामुक्की

Sun, 11 Jan 2026 09:57 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sun, 11 Jan 2026 09:57 AM IST
सार

Meerut News: सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम जहां कपसाड़ गांव में परिजनों के साथ दिखाई दिए। वहीं सरधना विधायक अतुल प्रधान, नगीना से आसपा सांसद चंद्रशेखर, सपा सांसद रामजीलाल सुमन समेत तमाम नेताओं को रोक दिया गया।

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Kapsaad became a political arena: ruling party in the village, a wall of barricades in front of the opposition
कपसाड़ गांव के बाहर की गई बैरिकेडिंग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के सरधना स्थित कपसाड़ की घटना में सत्ता पक्षा के लोग गांव में थे, जबकि विपक्ष के ज्यादातर नेताओं को गांव की सीमा से बाहर ही रोक दिया गया। इसे लेकर उनमें रोष दिखाई दिया। 
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Kapsaad became a political arena: ruling party in the village, a wall of barricades in front of the opposition
नगीना सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोक लिया। - फोटो : अमर उजाला
कपसाड़ गांव में एक तरफ भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम और सुनील भराला गांव के भीतर परिजनों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिला रहे थे, तो दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं को सीमाओं पर रोक दिया गया। पुलिस ने विपक्षी सांसदों, विधायकों व अन्य नेताओं के आगे बैरिकेड्स की दीवार खड़ी कर दी। विपक्ष ने इस बात का कड़ा विरोध जताया और सवाल उठाया कि अगर सत्ताधारी नेता गांव जा सकते हैं, तो विपक्ष के लिए रास्ते बंद क्यों हैं।
 
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Kapsaad became a political arena: ruling party in the village, a wall of barricades in front of the opposition
अतुल प्रधान को भी गांव में आने से रोका गया। - फोटो : अमर उजाला
दरअसल कपसाड़ गांव निवासी सुनीता और उनकी बेटी बृहस्पतिवार को खेत पर जा रही थी। रास्ते में गांव के ही निवासी पारस ने अपने साथी सुनील और एक अन्य के साथ मिलकर सुनीता की बेरहमी से हत्या कर दी और उनकी बेटी रूबी का अपहरण करके फरार हो गया। इस मामले में सुनीता के बड़े बेटे नरसी ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को दिनभर गांव में भारी सियासी हलचल रही। 
 
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वहीं सुबह से शाम तक पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच दिनभर खींचतान चलती रही। विपक्ष को रोकने के लिए पुलिस ने काशी टोल प्लाजा, अटेरना पुल और सलावा चौराहे पर भारी घेराबंदी की। सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को काशी टोल प्लाजा पर रोका गया, जिसके बाद वे वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस और नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की ने माहौल को और गर्मा दिया। 
 

नगीना सांसद चंद्रशेखर के आने की सूचना पर अटेरना पुल पर भारी किलेबंदी की गई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को सिवाया टोल प्लाजा पर रोका गया, जहां उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी झड़प हुई। कश्यप एकता क्रांति मिशन के संस्थापक अजय कश्यप और पदाधिकारियों ने सलावा चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।
 

पुलिस के साथ तीखी झड़प और हल्का बल प्रयोग, हंगामा
कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे विभिन्न संगठनों व राजनीतिक दलों और पुलिस बीच खींचतान से खूब हंगामा हुआ। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के प्रस्तावित आगमन की सूचना पर पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। इसके बावजूद भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी, भाजपा और एआईएमआईएम के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से दिनभर तनाव का माहौल बना रहा।

प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए गांव के चारों ओर बैरिकेडिंग और नाकेबंदी की थी। इसके बावजूद कई कार्यकर्ता पगडंडियों के रास्ते सकौती मार्ग होते हुए रजवाहे के पुल तक जा पहुंचे। यहां पुलिस और आरएएफ के जवानों ने उन्हें रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक, गाली-गलौज और हाथापाई शुरू हो गई। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया। हालांकि कुछ कार्यकर्ता फिर भी खेतों के रास्ते पीड़ित परिवार तक पहुंच गए।

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टोल प्लाजा पर रोक गए कांग्रेसी, वापस भेजा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को सरधना विधानसभा क्षेत्र के कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार से मिलने से प्रशासन ने रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल को परतापुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। नाराज कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। तीन घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पश्चिमी यूपी सह-प्रभारी प्रदीप नरवाल, सांसद एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन तनुज पुनिया तथा पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम शामिल थे। प्रदीप नरवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय प्रक्रिया पर भरोसा दिलाना था। रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। तनुज पुनिया ने निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की जबकि राजेंद्र पाल गौतम ने अनुसूचित जाति मामलों में संवेदनशीलता पर जोर दिया।

प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है और वैधानिक प्रक्रिया से न्याय चाहती है। कांग्रेसियों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार दो करोड़ का मुआवजा प्रदान किया जाए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन पर विचार किया जाए। प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए। पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और मामले की निगरानी वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष गौरव भाटी, अभिमन्यु त्यागी, हेमंत प्रधान, आमिर रज़ा, राकेश कुशवाहा, जफरुल्लाह खान, प्रमोद जयंत, सतीश शर्मा, सुबोध शर्मा, गुफरान काजमी आदि धरने में मौजूद रहे।

 
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