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कामधेनु डेयरी में जहर देकर दस पशुओं काके मार डाला
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चांदपुर के ग्राम बसेड़ी में दस पशुओं की मौत के बाद घटना की जानकारी लेते डीएम रमाकांत पांडेय।
- फोटो : BIJNOR
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कामधेनु डेयरी में जहर देकर दस पशुओं को मार डाला
चांदपुर/बास्टा(बिजनौर) । गांव बसेड़ी में दाना मिला भूसा खिलाने से दस दुधारू पशुओं की मौत हो गई। एक गाय की हालत खराब है। पशुओं के चारे पर जहर छिड़कर कर उनकी हत्या करने की बात सामने आ रही है। पशुओं के बिसरा व दाना लगे चारे का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। डीएम रमाकांत पांडेय सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने संबंधित पशु आहार कंपनी को पुराना स्टॉक न बेचने के निर्देश दिए हैं।
गांव बसेड़ी निवासी राहुल सिंह ने माइक्रो कामधेनु योजना के तहत डेेरी खोल रखी है। डेयरी में 25 गाय व भैंस हैं। इनमें कुछ पशु दुधारू हैं तो कुछ अभी दूध नहीं दे रहे हैं। पशुओं को शाम के समय भूसे में दाना मिलाकर चारा दिया जाता था। दुधारू व दूध न देने वाले पशुओं के लिए अलग अलग ड्रम में एक ही कंपनी का दाना, चोकर, खल आदि दिया जाता था। राहुल सिंह ने रविवार दोपहर पशुओं को नहलाया और कुछ देर के लिए घेर से घर में चला गया। वापस आकर पशुओं को चारा देकर उस पर दाने की सानी की। दुधारू पशुओं वाले ड्रम के दाने का चारा खाने वाले पशु कुछ देर बाद तड़पने लगे और जमीन पर गिरने लगे। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का उपचार शुरू किया। शाम तक सात गाय व तीन भैंस की मौत हो गई। दूसरे ड्रम के दाने वाला चारा खाने वाले पशुओं को कुछ नहीं हुआ और वह एकदम स्वस्थ रहे। दस पशुओं की मौत से हड़कंप मच गया। राहुल सिंह व गांव वालों ने पशुओं की मौत दाने वाले ड्रम में जहर डालने से होने की बात कही है। सोमवार को डीएम रमाकांत पांडेय मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच का निर्देश दिया। चिकित्सकों की टीम ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। गांव में कई चर्चा हैं, जिसमें दीपावली पर टोने - टोटके में पशुओं को जहर देने की बात भी चल रही है।
- जहर देने से मौत का अंदेशा
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात में जब इस घटना की सूचना मिली, तो रात में ही पशु चिकित्सकों टीम भेज दी थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर जहर से पशुओं की मौत लग रही है। सैंपल लेकर पुलिस को दिए हैं, जो जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
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- पशुओं की मौत से ग्रामीणों में दहशत
गांव बसेड़ी निवासी राहुल सिंह के पशुओं की मौत से गांव वालों में हड़कंप मचा रहा। गांव वाले अपने पशुशाला के पास मौजूद रहे। आने जाने वाले संदिग्धों पर गांव वालों की नजर रही। पशुओं को जहर देकर मारा गया है। पशुओं की मौत के बाद बाकी गांव वाले चौकस हो गए। वे अपनी पशुशाला के आसपास ही मंडराते रहे। किसी भी अनजान व्यक्ति को उन्होंने पशुशालाओं के पास नहीं फटकने दिया। दरअसल, राहुुल सिंह के पशुओं की मौत शुरू में जहरीला चारा खाने से होने के कयास लगाए जा रहे थे। हरे चारे में पेस्टीसाइट का असर होने से वह जहरीला हो सकता था। लेकिन पशुओं ने हरा चारा नहीं बल्कि भूसा खाया था। इसके अलावा पशुओं ने दो ड्रम से एक ही कंपनी का भीगा दाना खाया खाया था। केवल एक ड्रम का चारा खाने वाले पशुओं की ही मौत हुई। पशुओं की मौत से गांव वाले भी चौकन्ना हो गए हैं।
- पूर्व में सक्रिय गिरोह करता था ऐसी वारदात
कई साल पूर्व जिले में पशुओं को जहर देकर मारने वाले गिरोह घूमते थे। ये पशुओं के आगे जहर मिली खाने की कुछ चीज डाल देते थे। उसे खाने से पशु की मौत हो जाती थी। पशुओं को इधर उधर डालने पर ये पशुओं की खाल उतारते थे। लेकिन अब ये गिरोह नहीं हैं। जिले में बहुत लंबे समय बाद इतने पशुओं की जहर से मौत होने का मामला सामने आया है। अब पुलिस को जांच करनी है कि पशुओं की मौत के पीछे क्या कहानी रही। किसी ने जहर देकर पशुओं को मार डाला, या फिर वजह कुछ और रही।
- किसान को करीब 10 लाख का नुकसान
पशुओं की मौत से राहुल सिंह को बड़ा नुकसान हुआ है। एक पशु की कीमत 70 से 80 हजार रुपये तक रहती है। राहुल सिंह को आठ से दस लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। राहुल सिंह ने दूध का कारोबार करने के लिए डेयरी चलाई थी। वहीं, पीपुल्स फोर एनीमल्स कार्यकर्ता वीरेंद्र राजपूत ने गांव बसेड़ी में दस पशुओं की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से किसान को मुआवजा दिलाने व घटना की जांच कराने की मांग की है।
- मुंह से निकल रहा था नीला पानी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर भूपेंद्र सिंह, डाक्टर अब्दुल रहीम, डाक्टर मुनींद्र सिंह, डाक्टर राकेश, डाक्टर अनुराग, डाक्टर मोहम्मद अहमद, डाक्टर शिवकुमार गंगवार आदि की टीम ने सोमवार दोपहर तक मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। सभी पशुओं का विसरा जांच के लिए पुलिस को सौंपा गया। मृत पशुओं मुंह से नीला पानी निकलना और मौके पर भी गहरा नीला पानी जमा मिला। पशुओं का पोस्टमार्टम करते समय भी गंध आ रही थी। इससे आशंका है कि पशुओं को जहर दिया गया। टीम ने उस बोरी के दाने का भी सैंपल लिया, जिसमें से पशुओं को दाना खिलाया गया। साथ ही एक बंद बोरी से भी दाने का सैंपल लिया गया। एसडीएम घनश्याम वर्मा का कहना है कि पशुओं की मौत जहर से हुई लगती है। क्योंकि ड्रम में घुले दाने में गंध थी। सही पता जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद लगेगा।
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चांदपुर/बास्टा(बिजनौर) । गांव बसेड़ी में दाना मिला भूसा खिलाने से दस दुधारू पशुओं की मौत हो गई। एक गाय की हालत खराब है। पशुओं के चारे पर जहर छिड़कर कर उनकी हत्या करने की बात सामने आ रही है। पशुओं के बिसरा व दाना लगे चारे का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। डीएम रमाकांत पांडेय सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने संबंधित पशु आहार कंपनी को पुराना स्टॉक न बेचने के निर्देश दिए हैं।
गांव बसेड़ी निवासी राहुल सिंह ने माइक्रो कामधेनु योजना के तहत डेेरी खोल रखी है। डेयरी में 25 गाय व भैंस हैं। इनमें कुछ पशु दुधारू हैं तो कुछ अभी दूध नहीं दे रहे हैं। पशुओं को शाम के समय भूसे में दाना मिलाकर चारा दिया जाता था। दुधारू व दूध न देने वाले पशुओं के लिए अलग अलग ड्रम में एक ही कंपनी का दाना, चोकर, खल आदि दिया जाता था। राहुल सिंह ने रविवार दोपहर पशुओं को नहलाया और कुछ देर के लिए घेर से घर में चला गया। वापस आकर पशुओं को चारा देकर उस पर दाने की सानी की। दुधारू पशुओं वाले ड्रम के दाने का चारा खाने वाले पशु कुछ देर बाद तड़पने लगे और जमीन पर गिरने लगे। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का उपचार शुरू किया। शाम तक सात गाय व तीन भैंस की मौत हो गई। दूसरे ड्रम के दाने वाला चारा खाने वाले पशुओं को कुछ नहीं हुआ और वह एकदम स्वस्थ रहे। दस पशुओं की मौत से हड़कंप मच गया। राहुल सिंह व गांव वालों ने पशुओं की मौत दाने वाले ड्रम में जहर डालने से होने की बात कही है। सोमवार को डीएम रमाकांत पांडेय मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच का निर्देश दिया। चिकित्सकों की टीम ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। गांव में कई चर्चा हैं, जिसमें दीपावली पर टोने - टोटके में पशुओं को जहर देने की बात भी चल रही है।
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- जहर देने से मौत का अंदेशा
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात में जब इस घटना की सूचना मिली, तो रात में ही पशु चिकित्सकों टीम भेज दी थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर जहर से पशुओं की मौत लग रही है। सैंपल लेकर पुलिस को दिए हैं, जो जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
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- पशुओं की मौत से ग्रामीणों में दहशत
गांव बसेड़ी निवासी राहुल सिंह के पशुओं की मौत से गांव वालों में हड़कंप मचा रहा। गांव वाले अपने पशुशाला के पास मौजूद रहे। आने जाने वाले संदिग्धों पर गांव वालों की नजर रही। पशुओं को जहर देकर मारा गया है। पशुओं की मौत के बाद बाकी गांव वाले चौकस हो गए। वे अपनी पशुशाला के आसपास ही मंडराते रहे। किसी भी अनजान व्यक्ति को उन्होंने पशुशालाओं के पास नहीं फटकने दिया। दरअसल, राहुुल सिंह के पशुओं की मौत शुरू में जहरीला चारा खाने से होने के कयास लगाए जा रहे थे। हरे चारे में पेस्टीसाइट का असर होने से वह जहरीला हो सकता था। लेकिन पशुओं ने हरा चारा नहीं बल्कि भूसा खाया था। इसके अलावा पशुओं ने दो ड्रम से एक ही कंपनी का भीगा दाना खाया खाया था। केवल एक ड्रम का चारा खाने वाले पशुओं की ही मौत हुई। पशुओं की मौत से गांव वाले भी चौकन्ना हो गए हैं।
- पूर्व में सक्रिय गिरोह करता था ऐसी वारदात
कई साल पूर्व जिले में पशुओं को जहर देकर मारने वाले गिरोह घूमते थे। ये पशुओं के आगे जहर मिली खाने की कुछ चीज डाल देते थे। उसे खाने से पशु की मौत हो जाती थी। पशुओं को इधर उधर डालने पर ये पशुओं की खाल उतारते थे। लेकिन अब ये गिरोह नहीं हैं। जिले में बहुत लंबे समय बाद इतने पशुओं की जहर से मौत होने का मामला सामने आया है। अब पुलिस को जांच करनी है कि पशुओं की मौत के पीछे क्या कहानी रही। किसी ने जहर देकर पशुओं को मार डाला, या फिर वजह कुछ और रही।
- किसान को करीब 10 लाख का नुकसान
पशुओं की मौत से राहुल सिंह को बड़ा नुकसान हुआ है। एक पशु की कीमत 70 से 80 हजार रुपये तक रहती है। राहुल सिंह को आठ से दस लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। राहुल सिंह ने दूध का कारोबार करने के लिए डेयरी चलाई थी। वहीं, पीपुल्स फोर एनीमल्स कार्यकर्ता वीरेंद्र राजपूत ने गांव बसेड़ी में दस पशुओं की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से किसान को मुआवजा दिलाने व घटना की जांच कराने की मांग की है।
- मुंह से निकल रहा था नीला पानी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर भूपेंद्र सिंह, डाक्टर अब्दुल रहीम, डाक्टर मुनींद्र सिंह, डाक्टर राकेश, डाक्टर अनुराग, डाक्टर मोहम्मद अहमद, डाक्टर शिवकुमार गंगवार आदि की टीम ने सोमवार दोपहर तक मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। सभी पशुओं का विसरा जांच के लिए पुलिस को सौंपा गया। मृत पशुओं मुंह से नीला पानी निकलना और मौके पर भी गहरा नीला पानी जमा मिला। पशुओं का पोस्टमार्टम करते समय भी गंध आ रही थी। इससे आशंका है कि पशुओं को जहर दिया गया। टीम ने उस बोरी के दाने का भी सैंपल लिया, जिसमें से पशुओं को दाना खिलाया गया। साथ ही एक बंद बोरी से भी दाने का सैंपल लिया गया। एसडीएम घनश्याम वर्मा का कहना है कि पशुओं की मौत जहर से हुई लगती है। क्योंकि ड्रम में घुले दाने में गंध थी। सही पता जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद लगेगा।