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मानवता शर्मसार: निजी अस्पताल ने सीसीएसयू के सहायक अध्यापक को निकाला, मेडिकल में तोड़ा दम, शव से उतारे जेवरात
Fri, 07 May 2021 03:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 03:52 PM IST
सार
सीसीएसयू के इतिहास विभाग में सहायक अध्यापक डॉ. पवन कुमार की कोरोना से मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि निजी अस्पताल में उन्हें ठीक से इलाज नहीं दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज मेरठ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के इतिहास विभाग में सहायक अध्यापक डॉ. पवन कुमार की कोरोना से मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि निजी अस्पताल में उन्हें ठीक से इलाज नहीं दिया गया। उन्हें जबरन रेफर कर दिया गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद उनके शव से जेवरात निकाल लिए गए। मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आ रही हैं।
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डॉ. पवन कुमार की मौत ठीक से इलाज न मिलने के चलते हुई है। वह अपने परिवार के साथ तेजगढ़ी मंदिर वाली गली में रहते थे। उनकी हालात बिगड़ने पर गढ़ रोड पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां तीमारदारों ने ही वेंटिलेटर उपलब्ध कराया। बुधवार शाम साढ़े 6:30 बजे पवन को डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में रेफर करने की बात कही।
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परिवार के लोग गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने प्रोटोकॉल का हवाला दिया और जबरन मरीज को मेडिकल में रेफर करा दिया। इससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। बताया गया कि परिजनों ने अस्पताल संचालक के पैर तक पकड़े, लेकिन वह नहीं माने। हंगामा होने पर भावनपुर थाना पुलिस भी आ गई। पुलिस ने भी डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया, इसके बावजूद नहीं माने। रात में करीब ढाई बजे पवन ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। गुरुवार को सुबह मौत की जानकारी हुई।
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इसके बाद गुरुवार दोपहर में सूरजकुंड श्मशान घाट पर परिवार के लोगों ने पवन का अंतिम संस्कार किया। तभी पता चला कि पवन के गले से सोने की चेन और सोने की अंगूठी गायब थी। इसकी शिकायत पवन के परिजनों ने पुलिस से की। पवन के ससुर प्रताप सिंह ने बताया है कि उनके दामाद का ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था। निजी अस्पताल में उनकी हालत में सुधार था, तभी उन्होंने मेडिकल में जबरन रेफर कर दिया। निजी अस्पताल की लापरवाही से मौत हुई और मेडिकल में लूट कर ली।
शर्मशार करने वाली इस घटना में दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सीओ सदर देहात पूनम सिरोही का कहना है कि लिखित में थाने में अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।
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