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जंक फूड और शराब से खराब हो रहे युवाओं के लिवर : डॉ. अरोड़ा
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अब बायोप्सी की जगह फाइब्रोस्कैन जांच से पता चलेगी दिल की सेहत
दो दिवसीय सीएमई का हुआ समापन, वजन कम करके भी सेहत कर सकते हैं दुरुस्त
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। डॉ. जीएस बाठला मिड टर्म सीएमई का रविवार को समापन हुआ। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) के मेरठ चैप्टर की ओर से कोऑपरेटिव बैंक के पास आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने इस दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा-23 में सुधार का वादा किया गया। वहीं डॉ. सतीश कुमार अरोड़ा ने युवाओं में लिवर की बीमारियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जंक फूड और शराब को इन बीमारियों का मुख्य कारण बताया। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि जंक फूड और शराब से युवाओं के लिवर खराब हो रहे हैं, जिससे बाद में सिरोसिस और कैंसर भी हो सकता है।
डॉ. सतीश कुमार अरोड़ा ने राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर से पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा-23 में सुधार कराने का आग्रह किया। मंत्री ने इस मामले में सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि राज्य सभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी संसद से इसमें सुधार करवाने का वादा किया है। विधायक अमित अग्रवाल ने भी वाजपेयी की मदद से सुधार करवाने या निजी बिल लाने की बात कही थी।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि अगर कोई 15 से 20 फीसदी वजन कम कर ले तो लिवर ठीक हो सकता है। पहले लिवर की जांच बायोप्सी जैसी आक्रामक विधि से होती थी। अब फाइब्रोस्कैन जैसी गैर-आक्रामक तकनीक उपलब्ध है, जो अधिक सुविधाजनक है।सचिव डॉ. शक्ति पंकज आदि का सहयोग रहा।
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दो दिवसीय सीएमई का हुआ समापन, वजन कम करके भी सेहत कर सकते हैं दुरुस्त
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। डॉ. जीएस बाठला मिड टर्म सीएमई का रविवार को समापन हुआ। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) के मेरठ चैप्टर की ओर से कोऑपरेटिव बैंक के पास आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने इस दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा-23 में सुधार का वादा किया गया। वहीं डॉ. सतीश कुमार अरोड़ा ने युवाओं में लिवर की बीमारियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जंक फूड और शराब को इन बीमारियों का मुख्य कारण बताया। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि जंक फूड और शराब से युवाओं के लिवर खराब हो रहे हैं, जिससे बाद में सिरोसिस और कैंसर भी हो सकता है।
डॉ. सतीश कुमार अरोड़ा ने राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर से पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा-23 में सुधार कराने का आग्रह किया। मंत्री ने इस मामले में सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि राज्य सभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी संसद से इसमें सुधार करवाने का वादा किया है। विधायक अमित अग्रवाल ने भी वाजपेयी की मदद से सुधार करवाने या निजी बिल लाने की बात कही थी।
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डॉ. अरोड़ा ने कहा कि अगर कोई 15 से 20 फीसदी वजन कम कर ले तो लिवर ठीक हो सकता है। पहले लिवर की जांच बायोप्सी जैसी आक्रामक विधि से होती थी। अब फाइब्रोस्कैन जैसी गैर-आक्रामक तकनीक उपलब्ध है, जो अधिक सुविधाजनक है।सचिव डॉ. शक्ति पंकज आदि का सहयोग रहा।
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