जिपं अध्यक्ष चुनाव : सहारनपुर में 98 साल में पहली बार जाट बिरादरी से बना अध्यक्ष, 23 बार आईएएस अधिकारियों ने संभाली कुर्सी
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर वैसे तो 23 बार प्रशासक के तौर पर आईएएस अधिकारी आसीन रहे, लेकिन खास बात यह है कि 1977 से 1992 के बीच अध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हुआ, जिस कारण प्रशासक ही जिम्मेदारी संभालते रहे।
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सहारनपुर जिला पंचायत सहारनपुर का इतिहास 98 साल पुराना है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर जाट बिरादरी से मांगेराम चौधरी इस पद पर विजयी घोषित हुए हैं। क्योंकि इनसे पहले अध्यक्ष पद पर आसीन रहे 24 लोगों में गुर्जर, राजपूत, अनुसूचित जाति और मुस्लिम वर्ग के ही शामिल हैं।
दरअसल, सहारनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पहली बार 1923 में आशाराम विजेता हुए थे, उन्होंने 30 अप्रैल 1923 से 12 जनवरी 1926 तक जिला पंचायत अध्यक्ष संभाला। इनके बाद खूबचंद, ब्रजभूषण लाल, बलवंत सिंह, शाहनजर हुसैन, महमूद अली खां, ठाकुर फूल सिंह, कल्याण सिंह, केबी शाहनजर हुसैन, बाबू तेलूराम, ठाकुर अर्जुन सिंह, हुकुम सिंह, ठाकुर महावीर सिंह, हरफूल सिंह, हाफिज मोहम्मद असलम, भोपाल सिंह, नकली सिंह, तेज सिंह, धर्म सिंह मौर्य, गायत्री चौधरी, मोहम्मद इरशाद, अनिता चौधरी और तस्मीम बानो के बाद अब भाजपा के मांगेराम चौधरी अध्यक्ष बने हैं। नागल ब्लाक क्षेत्र के रहने वाले मांगेराम चौधरी पहली बार के ही प्रयास में जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं।
1977 से 1992 तक प्रशासक ही रहे
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर वैसे तो 23 बार प्रशासक के तौर पर आईएएस अधिकारी आसीन रहे, लेकिन खास बात यह है कि 1977 से 1992 के बीच अध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हुआ, जिस कारण प्रशासक ही जिम्मेदारी संभालते रहे।
मांगेराम चौधरी का प्रोफाइल
नाम - मांगेराम चौधरी
उम्र - 63 साल
शिक्षा - बीपीएड, पीएचडी
परिवार - पत्नी, दो बेटी और दो बेटे। बेटा अमोल चौधरी, ईशान चौधरी कारोबारी हैं। परिवार में तीन योजनाओं से ब्लाक प्रमुख पद रहा है। इनके भाई बिजेंद्र चौधरी अभी नागल से ब्लाक प्रमुख हैं।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष से चार सवाल
सवाल - ग्रामीण क्षेत्र में विकास को लेकर क्या सपना है।
जवाब - गांवों में पेयजल, रास्तों आदि की बेहतर सुविधा दिलानी है। अच्छी मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिलें, यही हमारा संकल्प है।
सवाल - विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी काफी है, ऐसे में उनको कैसे साधेंगे।
जवाब - विपक्ष की अपनी जिम्मेदारी है, हमारा उद्देश्य सभी सदस्यों का सम्मान देना है, विकास कार्यों में उनकी सहभागिता होगी, सबको साथ लेकर कार्य किया जाएगा।
सवाल - आपकी नजर में बड़ी समस्या क्या है, उसका कैसे निदान किया जाएगा।
जवाब - समस्याओं के संबंध में फीडबैक लिया जाएगा, लेकिन ज्यादातर जगहों पर रास्तों की समस्या रहती है। जिला पंचायत से सड़कों के निर्माण प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
सवाल - कार्य समय पर हों, उसको लेकर कार्य पद्धति में किस तरह बदलाव लाया जाएगा।
जवाब - समयबद्ध तरीके से कार्य निपटाने की प्राथमिकता रहेगी। बैठकें समय पर कराई जाएंगे और सही ढंग से कार्यों का निष्पादन कराया जाएगा।