फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   jamuriyat se upar naapaak irade

जम्हूरियत से ऊपर नापाक इरादों की पाक सेना

Sun, 02 Oct 2016 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Sun, 02 Oct 2016 02:46 AM IST
विज्ञापन
jamuriyat se upar naapaak irade
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 भारत और पाक के रिश्तों में लगातार कड़वाहट की बड़ी वजह पाकिस्तानी सेना है। अपने देश का आधा बजट खुद पर खर्च करने वाली पाक सेना वहां की अवाम में नफरत के बीज बो रही है। इस सेना ने शिक्षा को भी नहीं छोड़ा है। पाठ्यक्रम में एंटी इंडियन सब्जेक्ट पढ़ाए जा रहे हैं। पाक सेना के इरादे इस कदर नापाक हैं कि वह इसके बदले अपनी अवाम को भारत का डर दिखाती है। अपनी अहमियत बढ़ाने और जम्हूरियत को कमजोर करने के लिए सेना चार बार तख्ता पलट कर चुकी है। इस वजह से रिश्ते सुधरने की जगह बिगड़ते गए।
विज्ञापन

इन बातों से यूजीसी के एमिरेट्स प्रोफेसर डॉ. हरवीर सिंह ने परदा उठाया है। अपने दो साल के रिसर्च प्रोजेक्ट में उन्होंने पाक सेना की करतूत की पोल खोली है। रिपोर्ट पर जल्द ही पेंटागन प्रकाशन किताब छापने जा रहा है। मेरठ कॉलेज के डिफेंस स्टडी डिपार्टमेंट में एमिरेट्स प्रोफेसर रहते हुए डॉ. हरवीर सिंह ने ‘फॉर मिलिट्री कू ऑफ पाकिस्तान एंड इट्स इंपैक्ट ऑन इंडियन सिक्योरिटी’ विषय पर रिसर्च की। दो साल के प्रोजेक्ट की हाल ही रिपोर्ट यूजीसी में जमा की गई है। इसमें डॉ. हरवीर ने पाक में अब तक हुए चार सैन्य तख्ता पलट के बाद भारत की सुरक्षा पर उसका क्या असर पड़ा, यह बयां किया है।
विज्ञापन

रिपोर्ट के अनुसार तख्ता पलट की वजह से पाकिस्तान में लोकतंत्र अपनी जड़े नहीं जमा पाया। चार बार सेना ने जबरन सत्ता अपने हाथों में ली और पांच बार असफल प्रयास किए। जिसका विपरीत असर भारत के साथ रिश्तों पर पड़ा। पाक सेना देश के बजट का 50 प्रतिशत खुद पर खर्च करती है। ब्यूरोक्रेसी भी सेना को सपोर्ट करती है। एजूकेशन के नाम पर इस्लामीकरण ज्यादा हुआ है। जब-जब जम्हूरियत पाक  में जड़ें जमाती नजर आई, सेना ने सरकार उखाड़ दी। अवाम में भारत के प्रति नफरत पैदा की जाती है। इसके लिए स्कूलों के पाठ्यक्रम में भारत के खिलाफ विषय पढ़ाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब भी अप्रत्यक्ष तख्ता पलट
रिसर्च में उल्लेख किया गया है कि 1965 की लड़ाई को पाकिस्तान अपनी विजय बताता है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान नवाज शरीफ सरकार अप्रत्यक्ष सेना तख्ता पलट है। सेना जो चाहे वो कर रही है। नवाज शरीफ के दो बेटों के नाम पनामा लीक में सामने आने के बाद वह दबाव में हैं।


बलूचिस्तान बड़ा, जनसंख्या सबसे कम
जिस बलूचिस्तान में पाकिस्तान के शोषण की खबरें आजकल छाई हुई हैं, वहां सेना अत्याचार करती है। वर्ष-2011 की जनगणना के मुताबिक क्षेत्रफल में बलूचिस्तान सबसे अधिक है, जबकि जनसंख्या में सबसे कम। पाक के चार प्रांतों में बलूचिस्तान का एरिया 45 प्रतिशत है, जबकि जनसंख्या सिर्फ पांच प्रतिशत है। पंजाब प्रांत में 55 प्रतिशत, सिंध में 30 और खैवर पख्तूनख्वा में 11 प्रतिशत जनसंख्या है।
 
पाक के चार सैन्य तख्ता पलट
- जनरल अयूब खान ने 27 अक्तूबर 1958 में इस्कंदर मिर्जा का तख्ता पलट किया
- जनरल याया खान ने 25 मार्च 1969 को जनरल अयूब खान को ही हटा दिया
- जनरल जिया उल हक ने पांच जुलाई 1977 को जुल्फिकार अली भुट्टो को हटाया
- जनरल परवेज मुशर्रफ ने 20 अक्तूबर 1999 को नवाज शरीफ का तख्ता पलटा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed