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सर्वार्थ सिद्धि योग में जलाभिषेक आज
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मोदीपुरम हाईवे से गुजरता कांवड़िया
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सर्वार्थ सिद्धि योग में जलाभिषेक आज
मेरठ। श्रावण के द्वितीय सोमवार को द्वादशी और त्रयोदशी का जलाभिषेक किया जाएगा। सोम प्रदोष और मृगशिरा नक्षत्र के साथ चंद्रमा की उपस्थिति सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बना रही है। त्रयोदशी का जल 29 जुलाई को शाम 5:08 बजे से शिवालयाें में शुरू होगा। वहीं, 30 जुलाई को दोपहर 2:49 बजे से चतुर्दशी का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलाजिकल साइंड के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि प्रदोष आदि गुणों से युक्त सोमवार के दिन शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। श्रावण सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है। ऐसे लोगों के लिए इस लोक के साथ परलोक में भी कोई वस्तु दुर्लभ नहीं होती। भगवान शिव की पूजा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग
श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर 125 साल बाद पंच महायोग बन रहा है। इस दिन गुरु पुष्यामृत योग, सर्वार्थ सिद्ध योग, अमृत सिद्ध योग, सिद्ध योग और पांचवां सूर्य, चंद्रमा, मंगल, शुक्र की युति से चतुरग्रही संयोग बन रहा है।
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मेरठ। श्रावण के द्वितीय सोमवार को द्वादशी और त्रयोदशी का जलाभिषेक किया जाएगा। सोम प्रदोष और मृगशिरा नक्षत्र के साथ चंद्रमा की उपस्थिति सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बना रही है। त्रयोदशी का जल 29 जुलाई को शाम 5:08 बजे से शिवालयाें में शुरू होगा। वहीं, 30 जुलाई को दोपहर 2:49 बजे से चतुर्दशी का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलाजिकल साइंड के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि प्रदोष आदि गुणों से युक्त सोमवार के दिन शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। श्रावण सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है। ऐसे लोगों के लिए इस लोक के साथ परलोक में भी कोई वस्तु दुर्लभ नहीं होती। भगवान शिव की पूजा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
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हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग
श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर 125 साल बाद पंच महायोग बन रहा है। इस दिन गुरु पुष्यामृत योग, सर्वार्थ सिद्ध योग, अमृत सिद्ध योग, सिद्ध योग और पांचवां सूर्य, चंद्रमा, मंगल, शुक्र की युति से चतुरग्रही संयोग बन रहा है।
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