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दशलक्षण पर्व त्याग और संयम का पर्व: सौरभ सागर
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- महावीर भवन में आचार्य सौरभ सागर का मंगल प्रवेश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
महावीर जयंती भवन में पूजन प्रशाल शिविर विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के तत्वावधान में हुआ। आचार्य श्री 108 सौरभ सागर महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। शिविर में 75 से अधिक बालक और बालिकाओं ने भाग लेकर आचार्य के मंगल प्रवचन सुने।
आचार्य सौरभ सागर ने कहा कि दशलक्षण महापर्व है। पर्व और त्योहार में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि पर्व त्यागात्मक होते हैं। त्योहार रागात्मक होते हैं। वर्षभर में अष्टमी, चौदस, दशलक्षण और अष्टान्हिका जैसे पर्वों के करीब 100 दिन आते हैं। इन दिनों श्रावक को संयम के साथ रहते हुए त्याग की भावना रखनी चाहिए।
कार्यक्रम में अतुल जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन और अमन जैन ने बच्चों से प्रक्षाल की आवश्यक क्रियाएं संपन्न कराईं। राहुल जैन, गौरव जैन, वैभव जैन और सम्यक जैन ने पूजन विधि कराई। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य मयंक जैन, रजत जैन, पुत्र प्रमोद जैन एवं सरिता जैन को प्राप्त हुआ।
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सौरभ जैन सराफ ने बताया कि 179 वां शिविर 20 सितंबर रविवार को महावीर जयंती भवन में दशलक्षण पर्व पर विशेष आयोजन के रूप में होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
महावीर जयंती भवन में पूजन प्रशाल शिविर विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के तत्वावधान में हुआ। आचार्य श्री 108 सौरभ सागर महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। शिविर में 75 से अधिक बालक और बालिकाओं ने भाग लेकर आचार्य के मंगल प्रवचन सुने।
आचार्य सौरभ सागर ने कहा कि दशलक्षण महापर्व है। पर्व और त्योहार में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि पर्व त्यागात्मक होते हैं। त्योहार रागात्मक होते हैं। वर्षभर में अष्टमी, चौदस, दशलक्षण और अष्टान्हिका जैसे पर्वों के करीब 100 दिन आते हैं। इन दिनों श्रावक को संयम के साथ रहते हुए त्याग की भावना रखनी चाहिए।
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कार्यक्रम में अतुल जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन और अमन जैन ने बच्चों से प्रक्षाल की आवश्यक क्रियाएं संपन्न कराईं। राहुल जैन, गौरव जैन, वैभव जैन और सम्यक जैन ने पूजन विधि कराई। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य मयंक जैन, रजत जैन, पुत्र प्रमोद जैन एवं सरिता जैन को प्राप्त हुआ।
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सौरभ जैन सराफ ने बताया कि 179 वां शिविर 20 सितंबर रविवार को महावीर जयंती भवन में दशलक्षण पर्व पर विशेष आयोजन के रूप में होगा।