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मनभेद नहीं तो परिवार और समाज में बनी रहेगी शांति: सौरभ सागर
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. महावीर जयंती भवन में माता-पिता का हुआ भव्य स्वागत, 16 से दश लक्षण महामंडल विधान होगा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जैन बोर्डिंग हाउस रेलवे रोड में सोमवार को आचार्य सौरभ सागर का मंगल प्रवचन हुआ। सुबह 8:15 बजे हुए प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि मत का अर्थ विचार होता है। व्यक्ति-व्यक्ति के विचार अलग हों तो इसे मतभेद कहा जाता है। यह मतभेद परिवार, समाज और देश में भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है लेकिन जब मन में खटास पैदा हो जाती है तो वह मनभेद बन जाता है। असहमति होना मतभेद है। मनभेद द्वेष और दूरी पैदा करता है। जब तक हम दूसरे की बात सुनने के लिए तैयार हैं, तब तक मतभेद की स्थिति रहती है। मनभेद व्यक्ति को इतना असहिष्णु बना देता है कि वह सामने वाले की बात सुनना भी नहीं चाहता। इसलिए जीवन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं होना चाहिए।
दोपहर तीन बजे शंका समाधान और शाम 6:30 बजे गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री की चरण वंदना कर भक्ति की।
समिति के चेयरमैन सुरेश जैन रितुराज ने बताया कि आचार्य के मंगल सानिध्य में 16 से 25 सितंबर तक महावीर जयंती भवन में आचार्य श्री द्वारा रचित श्री दशलक्षण महामंडल विधान होगा।
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कार्यक्रम में हंस कुमार जैन, प्रेम चंद जैन, रितेश जैन, अनिल जैन, विनोद जैन, प्रमोद जैन, श्रीकिशन जैन, संजय जैन, अनुज जैन, विजय जैन, राकेश जैन धीरज, अनिल जैन रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जैन बोर्डिंग हाउस रेलवे रोड में सोमवार को आचार्य सौरभ सागर का मंगल प्रवचन हुआ। सुबह 8:15 बजे हुए प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि मत का अर्थ विचार होता है। व्यक्ति-व्यक्ति के विचार अलग हों तो इसे मतभेद कहा जाता है। यह मतभेद परिवार, समाज और देश में भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है लेकिन जब मन में खटास पैदा हो जाती है तो वह मनभेद बन जाता है। असहमति होना मतभेद है। मनभेद द्वेष और दूरी पैदा करता है। जब तक हम दूसरे की बात सुनने के लिए तैयार हैं, तब तक मतभेद की स्थिति रहती है। मनभेद व्यक्ति को इतना असहिष्णु बना देता है कि वह सामने वाले की बात सुनना भी नहीं चाहता। इसलिए जीवन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं होना चाहिए।
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दोपहर तीन बजे शंका समाधान और शाम 6:30 बजे गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री की चरण वंदना कर भक्ति की।
समिति के चेयरमैन सुरेश जैन रितुराज ने बताया कि आचार्य के मंगल सानिध्य में 16 से 25 सितंबर तक महावीर जयंती भवन में आचार्य श्री द्वारा रचित श्री दशलक्षण महामंडल विधान होगा।
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कार्यक्रम में हंस कुमार जैन, प्रेम चंद जैन, रितेश जैन, अनिल जैन, विनोद जैन, प्रमोद जैन, श्रीकिशन जैन, संजय जैन, अनुज जैन, विजय जैन, राकेश जैन धीरज, अनिल जैन रहे।