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जागृति विहार अस्थायी मंडी बन गई तालाब, पानी पर तैरती मिलीं किसानों की सब्जियां
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जागृति विहार अस्थायी मंडी बन गई तालाब, पानी पर तैरती मिलीं किसानों की सब्जियां
मेरठ। जिला प्रशासन की लापरवाही का नतीजा किसान और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दो घंटे की हल्की बारिश से जागृति विहार एक्सटेंशन में संचालित अस्थाई मंडी तालाब बन गई। किसानों की सब्जी मंडी परिसर में पानी पर तैरती नजर आई। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसके कारण रविवार को किसान सब्जी मंडी नहीं पहुंचे। हालांकि दिन भर मंडी समिति ने परिसर में भरे पानी को निकालने के लिए पंप लगाकर काफी मशक्कत की लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई।
लॉक डाउन में सबसे बड़ी आफत किसानों पर आई है। जहां प्रशासन ने स्थायी मंडियों को बंद कर दिया। वहीं किसानों को अस्थाई मंडी में उनकी सब्जी का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। बाकी बची कसर अब एक ही दिन की बारिश ने पूरी कर दी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में नवीन सब्जी मंडी में अधिक भीड़ होने और कोरोना फैलने पर प्रशासन ने नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर सब्जी मंडी को बंद कर दिया था। एक मई से प्रशासन ने जागृति विहार एक्सटेंशन के मैदान में अस्थाई मंडी संचालित कर दी। अवस्थाओं के बीच चल रही इस सब्जी मंडी में न तो किसानों को ही सब्जी का उचित दाम मिल रहा है और नहीं इस मंडी से व्यापारी संतुष्ट हैं।
मंडी में दो-दो दिन तक किसान की सब्जी नहीं बिक रही है। जिसके चलते किसान बर्बाद होने की स्थिति में आ गया है। रविवार तड़के 3 बजे हुई बारिश ने एक बार फिर किसान की कमर तोड़ दी। हल्की बारिश ने मंडी परिसर को तालाब बना दिया। यहां रखी किसान की सब्जियां पानी में तैरती दिखाई थी। व्यापारी और किसानों ने सब्जियों को समेटने का भी काफी प्रयास किया। लेकिन 90 प्रतिशत सब्जी जैसे हरी मिर्च, धनिया, लौकी, बैंगन तोरई, टमाटर आदि भीगने से खराब हो हो गए। वहीं, मौसम खराब होने से रविवार शाम भी किसान ताजी सब्जी लेकर अस्थायी मंडी नहीं पहुंचे। मंडी के थोक सब्जी विक्रेता ओमप्रकाश, राधेश्याम और जितेंद्र त्यागी का कहना है कि प्रशासन को किसान व व्यापारी को बर्बाद होने से बचाना चाहिए। नवीन और लोहिया नगर सब्जी मंडी में पक्की दुकानें हैं जिनमें किसान का माल सुरक्षित रखा जा सकता है। जागृति विहार मंडी में जहां बारिश और धूप से किसान की सब्जी खराब हो रही है। वहीं, असामाजिक तत्वों द्वारा सब्जी की चोरी की जा रही है।
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गहरा गड्ढा है जागृति विहार मंडी परिसर
प्रशासन ने जागृति विहार में जहां सब्जी मंडी संचालित की है वह काफी गहराई में है। इस स्थान पर हल्की बारिश से ही पूरा परिसर तालाब बन जाता है। प्रशासन ने आनन-फानन में यहां मंडी तो संचालित करा दी लेकिन सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा। यहां धूप और बारिश से बचने के लिए न कोई संसाधन है और न ही शौचालय, पानी आदि की व्यवस्था की है। बारिश को भी ध्यान में नहीं रखा गया। सब्जी किसान अपनी बर्बादी के लिए जिला प्रशासन को भी दोषी ठहरा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें सब्जी की लागत भी नहीं मिल रही है।
दोनों मंडी खोलने की मांग कर चुके व्यापारी
किसान और व्यापारी को बर्बाद होने से बचाने के लिए प्रशासन से नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर सब्जी मंडी खोलने की मांग की जा चुकी है। लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। नवीन सब्जी मंडी के थोक व्यापारी पद्म सिंह सैनी का कहना है कि प्रशासन को दोनों स्थायी मंडी संचालित करनी चाहिए। मेरठ से कई सब्जियां दूसरे प्रदेशों को सप्लाई होती हैं उससे किसान को भी अच्छा दाम मिलता है। मंडी समिति सचिव नरेंद्र कुमार का कहना है कि जागृति विहार अस्थाई मंडी परिसर में जलभराव को खत्म करने के लिए पंप लगवा दिए गए हैं। नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर मंडी को संचालित करने का निर्णय जिला प्रशासन को लेना है। जनता की सुरक्षा की दृष्टि से ही जागृति विहार मंडी को संचालित किया गया है।
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मेरठ। जिला प्रशासन की लापरवाही का नतीजा किसान और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दो घंटे की हल्की बारिश से जागृति विहार एक्सटेंशन में संचालित अस्थाई मंडी तालाब बन गई। किसानों की सब्जी मंडी परिसर में पानी पर तैरती नजर आई। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसके कारण रविवार को किसान सब्जी मंडी नहीं पहुंचे। हालांकि दिन भर मंडी समिति ने परिसर में भरे पानी को निकालने के लिए पंप लगाकर काफी मशक्कत की लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई।
लॉक डाउन में सबसे बड़ी आफत किसानों पर आई है। जहां प्रशासन ने स्थायी मंडियों को बंद कर दिया। वहीं किसानों को अस्थाई मंडी में उनकी सब्जी का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। बाकी बची कसर अब एक ही दिन की बारिश ने पूरी कर दी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में नवीन सब्जी मंडी में अधिक भीड़ होने और कोरोना फैलने पर प्रशासन ने नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर सब्जी मंडी को बंद कर दिया था। एक मई से प्रशासन ने जागृति विहार एक्सटेंशन के मैदान में अस्थाई मंडी संचालित कर दी। अवस्थाओं के बीच चल रही इस सब्जी मंडी में न तो किसानों को ही सब्जी का उचित दाम मिल रहा है और नहीं इस मंडी से व्यापारी संतुष्ट हैं।
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मंडी में दो-दो दिन तक किसान की सब्जी नहीं बिक रही है। जिसके चलते किसान बर्बाद होने की स्थिति में आ गया है। रविवार तड़के 3 बजे हुई बारिश ने एक बार फिर किसान की कमर तोड़ दी। हल्की बारिश ने मंडी परिसर को तालाब बना दिया। यहां रखी किसान की सब्जियां पानी में तैरती दिखाई थी। व्यापारी और किसानों ने सब्जियों को समेटने का भी काफी प्रयास किया। लेकिन 90 प्रतिशत सब्जी जैसे हरी मिर्च, धनिया, लौकी, बैंगन तोरई, टमाटर आदि भीगने से खराब हो हो गए। वहीं, मौसम खराब होने से रविवार शाम भी किसान ताजी सब्जी लेकर अस्थायी मंडी नहीं पहुंचे। मंडी के थोक सब्जी विक्रेता ओमप्रकाश, राधेश्याम और जितेंद्र त्यागी का कहना है कि प्रशासन को किसान व व्यापारी को बर्बाद होने से बचाना चाहिए। नवीन और लोहिया नगर सब्जी मंडी में पक्की दुकानें हैं जिनमें किसान का माल सुरक्षित रखा जा सकता है। जागृति विहार मंडी में जहां बारिश और धूप से किसान की सब्जी खराब हो रही है। वहीं, असामाजिक तत्वों द्वारा सब्जी की चोरी की जा रही है।
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गहरा गड्ढा है जागृति विहार मंडी परिसर
प्रशासन ने जागृति विहार में जहां सब्जी मंडी संचालित की है वह काफी गहराई में है। इस स्थान पर हल्की बारिश से ही पूरा परिसर तालाब बन जाता है। प्रशासन ने आनन-फानन में यहां मंडी तो संचालित करा दी लेकिन सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा। यहां धूप और बारिश से बचने के लिए न कोई संसाधन है और न ही शौचालय, पानी आदि की व्यवस्था की है। बारिश को भी ध्यान में नहीं रखा गया। सब्जी किसान अपनी बर्बादी के लिए जिला प्रशासन को भी दोषी ठहरा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें सब्जी की लागत भी नहीं मिल रही है।
दोनों मंडी खोलने की मांग कर चुके व्यापारी
किसान और व्यापारी को बर्बाद होने से बचाने के लिए प्रशासन से नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर सब्जी मंडी खोलने की मांग की जा चुकी है। लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। नवीन सब्जी मंडी के थोक व्यापारी पद्म सिंह सैनी का कहना है कि प्रशासन को दोनों स्थायी मंडी संचालित करनी चाहिए। मेरठ से कई सब्जियां दूसरे प्रदेशों को सप्लाई होती हैं उससे किसान को भी अच्छा दाम मिलता है। मंडी समिति सचिव नरेंद्र कुमार का कहना है कि जागृति विहार अस्थाई मंडी परिसर में जलभराव को खत्म करने के लिए पंप लगवा दिए गए हैं। नवीन सब्जी मंडी और लोहिया नगर मंडी को संचालित करने का निर्णय जिला प्रशासन को लेना है। जनता की सुरक्षा की दृष्टि से ही जागृति विहार मंडी को संचालित किया गया है।