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Meerut News: गृह मंत्रालय से जुड़ेगा आईटीएमएस, शहर को लाइव देखेंगे अधिकारी
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मेरठ। शहर के आईटीएमएस (इंटीग्रेटड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) को गृह मंत्रालय से जोड़ा जाएगा। इसके लिए गुरुग्राम की कंपनी ने हाईटेक कैमरे लगाकर काम शुरू कर दिया है। शहर के सभी चौराहों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। फिलहाल चार चौराहों पर यह सुविधा शुरू की गई है। आईटीएमएस से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सीयूजी नंबरों को भी जोड़ा गया है, ताकि वे शहर का लाइव मुआयना कर सकें।
अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में आईटीएमएस का शुभारंभ किया था। पांच-छह महीने चलाने के बाद निगम से पैसा नहीं मिलने पर कंपनी ने तीन महीने आईटीएमएस बंद रखा। मामला लखनऊ तक पहुंचा। काफी जिद्दोजेहद के बाद आईटीएमएस दोबारा चालू किया गया। अनुबंध के तहत कंपनी ने शहर में बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, तेजगढ़ी और कमिश्नर आवास चौराहे पर वाई-फाई की सुविधा मुहैया करा दी है जबकि शहर में 150 जगह हाईटेक कैमरे लगाकर वाई-फाई की सुविधा चालू की जाएगी।
पुलिस-प्रशासन सहित जनपद के आला अधिकारियों के सीयूजी नंबर को आईटीएमएस से जोड़ा जाएगा, ताकि शहर को लाइव देखा जा सकता है। आईटीएमएस से जुड़ने के लिए पासवर्ड दिया गया है, जोकि बहुत सुरक्षित होगा। अभी यह सुविधा सिर्फ वाई-फाई वाले आईटीएमएस के चार चौराहों पर चालू की गई है। अधिशासी अभियंत्रा नगर निगम अमित शर्मा ने बताया कि आईटीएमएस को गृह मंत्रालय से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
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सुरक्षा पर होगा ज्यादा फोकस होगा
मेरठ संवेदनशील जिला माना जाता है। आईटीएमएस के जरिये शहर की निगरानी गृह मंत्रालय से भी होगी। शहर में संदिग्ध गतिविधियां देखते ही आईटीएमएस में मैसेज आएगा और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी तुरंत एक्शन मोड में आ जाएंगे। मेरठ के अलावा प्रदेश में सात जनपदों में मुख्य चौराहों पर आईटीएमएस चालू किया गया है। ट्रैफिक चालान से ज्यादा सुरक्षा पर ज्यादा फोकस होगा।
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अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में आईटीएमएस का शुभारंभ किया था। पांच-छह महीने चलाने के बाद निगम से पैसा नहीं मिलने पर कंपनी ने तीन महीने आईटीएमएस बंद रखा। मामला लखनऊ तक पहुंचा। काफी जिद्दोजेहद के बाद आईटीएमएस दोबारा चालू किया गया। अनुबंध के तहत कंपनी ने शहर में बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, तेजगढ़ी और कमिश्नर आवास चौराहे पर वाई-फाई की सुविधा मुहैया करा दी है जबकि शहर में 150 जगह हाईटेक कैमरे लगाकर वाई-फाई की सुविधा चालू की जाएगी।
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पुलिस-प्रशासन सहित जनपद के आला अधिकारियों के सीयूजी नंबर को आईटीएमएस से जोड़ा जाएगा, ताकि शहर को लाइव देखा जा सकता है। आईटीएमएस से जुड़ने के लिए पासवर्ड दिया गया है, जोकि बहुत सुरक्षित होगा। अभी यह सुविधा सिर्फ वाई-फाई वाले आईटीएमएस के चार चौराहों पर चालू की गई है। अधिशासी अभियंत्रा नगर निगम अमित शर्मा ने बताया कि आईटीएमएस को गृह मंत्रालय से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
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सुरक्षा पर होगा ज्यादा फोकस होगा
मेरठ संवेदनशील जिला माना जाता है। आईटीएमएस के जरिये शहर की निगरानी गृह मंत्रालय से भी होगी। शहर में संदिग्ध गतिविधियां देखते ही आईटीएमएस में मैसेज आएगा और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी तुरंत एक्शन मोड में आ जाएंगे। मेरठ के अलावा प्रदेश में सात जनपदों में मुख्य चौराहों पर आईटीएमएस चालू किया गया है। ट्रैफिक चालान से ज्यादा सुरक्षा पर ज्यादा फोकस होगा।