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इतिहास के पन्नों से बाहर आए धन सिंह कोतवाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:34 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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10 मई 1857 की क्रांति के नायक अमर शहीद कोतवाल धन सिंह गुर्जर मंगलवार को इतिहास के पन्नों से बाहर आए। जिस सदर बाजार थाने में कोतवाल पद पर रहकर उन्होंने क्रांति का बिगुल बजाया था, उसी थाने में उस अमर शहीद की प्रतिमा का अनावरण कर पुलिस के आला अधिकारियों ने उस पल को यादगार बनाया।
डीजीपी ओपी सिंह ने उनकी प्रतिमा का अनावरण करते हुए कोतवाल धन सिंह की शहादत को नमन किया। गर्व से कहा कि मैं उस पुलिस परिवार का मुखिया हूं, जिसमें धन सिंह जैसे कोतवाल ने देश के लिए शहादत दी। उनके इतिहास का आज मैं गवाह बना हूं और पुलिस परिवार हमेशा धन सिंह कोतवाल की शहादत को याद रखेगा।
शहीद धन सिंह कोतवाल की शहादत को इतिहास के पन्नों से बाहर लाने में सबसे ज्यादा भूमिका एसएसपी राजेश कुमार पांडेय की रही। उसका जिक्र पुलिस अधिकारियों ने शहीद धन सिंह की प्रतिमा का अनावरण करते समय किया। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने संबोधन में कहा कि हमने हमेशा दूसरों की नजर से इतिहास को देखा है। जेल पर हमला कराकर धनसिंह कोतवाल ने 1200 भारतीय सैनिकों को मुक्त कराया था। लोगों की मदद से एक जनसमूह खड़ा किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई।
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एडीजी, एसएसपी ने समझा दर्द
थाना सदर बाजार में आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह में शहीद धन सिंह कोतवाल के वंशज भी मौजूद रहे। वह कई वर्षों से इसमें लगे थे कि पुलिस परिवार उनकी शहादत को समझे। लेकिन उनका दर्द सिर्फ एसएसपी और एडीजी मेरठ जोन ने समझा। शासन में उच्चाधिकारियों तक उनकी बात पहुंचायी।
प्रशांत कपिल की पीठ थपथपाई
सदर थाने में पुलिस की साफ सुधरी व्यवस्था देखकर डीजीपी ने थानाध्यक्ष सदर बाजार प्रशांत कपिल की पीठ भी थपथपाई। थाने में निरीक्षण में पुलिस पास हुई। थाने की सारी व्यवस्था एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने की। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि थानों में ऐसी सफाई होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने मुंशी व कंप्यूटर रूम में पुलिसकर्मियों से बात की। पहली व्यवस्था और अबकी व्यवस्था के बारे में पूछा। जिन्होंने अब वाली व्यवस्था को बेहतर बताया।
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डीजीपी ओपी सिंह ने उनकी प्रतिमा का अनावरण करते हुए कोतवाल धन सिंह की शहादत को नमन किया। गर्व से कहा कि मैं उस पुलिस परिवार का मुखिया हूं, जिसमें धन सिंह जैसे कोतवाल ने देश के लिए शहादत दी। उनके इतिहास का आज मैं गवाह बना हूं और पुलिस परिवार हमेशा धन सिंह कोतवाल की शहादत को याद रखेगा।
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शहीद धन सिंह कोतवाल की शहादत को इतिहास के पन्नों से बाहर लाने में सबसे ज्यादा भूमिका एसएसपी राजेश कुमार पांडेय की रही। उसका जिक्र पुलिस अधिकारियों ने शहीद धन सिंह की प्रतिमा का अनावरण करते समय किया। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने संबोधन में कहा कि हमने हमेशा दूसरों की नजर से इतिहास को देखा है। जेल पर हमला कराकर धनसिंह कोतवाल ने 1200 भारतीय सैनिकों को मुक्त कराया था। लोगों की मदद से एक जनसमूह खड़ा किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई।
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एडीजी, एसएसपी ने समझा दर्द
थाना सदर बाजार में आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह में शहीद धन सिंह कोतवाल के वंशज भी मौजूद रहे। वह कई वर्षों से इसमें लगे थे कि पुलिस परिवार उनकी शहादत को समझे। लेकिन उनका दर्द सिर्फ एसएसपी और एडीजी मेरठ जोन ने समझा। शासन में उच्चाधिकारियों तक उनकी बात पहुंचायी।
प्रशांत कपिल की पीठ थपथपाई
सदर थाने में पुलिस की साफ सुधरी व्यवस्था देखकर डीजीपी ने थानाध्यक्ष सदर बाजार प्रशांत कपिल की पीठ भी थपथपाई। थाने में निरीक्षण में पुलिस पास हुई। थाने की सारी व्यवस्था एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने की। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि थानों में ऐसी सफाई होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने मुंशी व कंप्यूटर रूम में पुलिसकर्मियों से बात की। पहली व्यवस्था और अबकी व्यवस्था के बारे में पूछा। जिन्होंने अब वाली व्यवस्था को बेहतर बताया।