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दूध और मावा में मिलावट की घर पर करें पहचान ताकि सेहत को न हो नुकसान
Wed, 05 Jun 2019 02:19 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 05 Jun 2019 02:19 PM IST
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ईद के त्योहार पर दूध की काफी खपत होती है, जबकि इसकी तुलना में दूध का उत्पादन कम है। ऐसे में दूध में मिलावट का खतरा है। इसके अलावा मावे का भी इस्तेमाल किया जाता है, इसमें भी मिलावट का संदेह है। लिहाजा या तो दूध और मावा किसी भरोसेमंद दुकानदार या दूधिए से खरीदें या फिर घर पर ही मिलावट की पहचान कर लें, ताकि सेहत को कोई नुकसान न हो।
एफएसडीए की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि लोगों को मिलावट के प्रति समय समय पर आगाह किया जाता है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। लोगों को घर पर ही मिलावट की जांच करने की जानकारी दी जाती है।
जांचे दूध और मावे की मिलावट
दूध में पानी- दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।
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एफएसडीए की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि लोगों को मिलावट के प्रति समय समय पर आगाह किया जाता है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। लोगों को घर पर ही मिलावट की जांच करने की जानकारी दी जाती है।
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जांचे दूध और मावे की मिलावट
दूध में पानी- दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।
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दूध में स्टॉर्च- टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंदे मिलाने पर स्टॉर्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंक्चर आयोडीन दवा दुकान से आसानी से मिल जाती है।
दूध में यूरिया- दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाएं, फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट मानी जाती है। लाल लिटमस पेपर स्टेशनरी की दुकान से मिल जाता है।
दूध में वनस्पति- तीन से पांच मिली दूध एक परखनली में लेकर उसमें दस बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं एक चम्मच चीनी मिलाने पर पांच मिनट बाद लाल रंग दिखाई देने लगे तो दूध में वनस्पति की मिलावट होती है।
दूध में यूरिया- दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाएं, फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट मानी जाती है। लाल लिटमस पेपर स्टेशनरी की दुकान से मिल जाता है।
दूध में वनस्पति- तीन से पांच मिली दूध एक परखनली में लेकर उसमें दस बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं एक चम्मच चीनी मिलाने पर पांच मिनट बाद लाल रंग दिखाई देने लगे तो दूध में वनस्पति की मिलावट होती है।
मावा- शुद्ध मावा कठोर होता है। मावा में आयोडीन सॉल्यूशन डालें, अगर मावा में मिलावट होगी तो उसका रंग बैंगनी हो जाएगा।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल- एक प्रमुख अकार्बनिक अम्ल है। हाइड्रोजन क्लोराइड गैस केजलीय विलयन को ही हाइड्रोक्लोरिक अमल कहते हैं। यह कैमिस्ट केयहां मिल जाता है।
मेटानिल येलो- यह बेहद जहरीला रंग है, जो खाद्य पदार्थों को चमकीला रंग देने के लिए प्रयोग किया जाता है।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल- एक प्रमुख अकार्बनिक अम्ल है। हाइड्रोजन क्लोराइड गैस केजलीय विलयन को ही हाइड्रोक्लोरिक अमल कहते हैं। यह कैमिस्ट केयहां मिल जाता है।
मेटानिल येलो- यह बेहद जहरीला रंग है, जो खाद्य पदार्थों को चमकीला रंग देने के लिए प्रयोग किया जाता है।