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इस्राइल-ईरान युद्ध से मेरठ के कारोबारियों को करोड़ों का झटका
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मेरठ। इस्राइल-ईरान युद्ध ने मेरठ के फिटनेस उपकरण और खेल कारोबारियों को करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक का झटका दिया है। मध्य एशिया में तनाव के चलते आर्डर रोक दिए गए हैं। वहीं लाल सागर मार्ग के बाधित होने से शिपिंग लागत में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई। इस स्थिति से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।
एक्सपोर्ट्स गुड्स प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ की नेशनल, भल्ला, गुजराल समेत चार प्रमुख कंपनियां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस्राइल और ईरान को माल भेज रही थीं। दोनों देशों में युद्ध के चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
भल्ला इंटरनेशनल के संचालक शेखर भल्ला ने बताया कि उनकी कंपनी का इस्राइल में प्रतिवर्ष चार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार था। उन्होंने कहा, युद्ध के कारण हमारा व्यापार पूरी तरह रुक गया है। ऑर्डर पेंडिंग हैं और नए ऑर्डर मिलने की संभावना भी क्षीण है।
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- खाड़ी देशों में होता है हैंडलूम, खेल उत्पाद का निर्यात
सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ से खाड़ी देशों और यूरोप तक खेल सामान, हैंडलूम उत्पाद और अन्य वस्तुओं का निर्यात होता है। इसमें इस्राइल और ईरान महत्वपूर्ण बाजार है। पिछले दो वर्षों से गाजा में लड़ाई के चलते इस्राइल को माल भेजने में पहले ही दिक्कतें थीं और अब युद्ध के चलते ईरान के साथ भी व्यापार प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
निर्यात के साथ आयात भी प्रभावित
सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि युद्ध का असर न केवल निर्यात बल्कि आयात पर भी पड़ना शुरू हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका है। अब वाणिज्य मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए निर्यातकों और शिपिंग कंपनियों के साथ आपात बैठक बुलाई है।
- लाल सागर मार्ग बाधित होने से हुई शिपिंग प्रभावित
- चैंबर एसोसिएशन से जुड़े आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि लाल सागर मार्ग के बाधित होने से शिपिंग लागत में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई। इससे निर्यातकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ से 100 से अधिक देशों में खेल उपकरणों का निर्यात होता है। लेकिन इस्राइल-ईरान मार्ग से जाने वाले माल की आपूर्ति अब रुक गई है। वैकल्पिक मार्गों से माल भेजने पर लागत बढ़ने से छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
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एक्सपोर्ट्स गुड्स प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ की नेशनल, भल्ला, गुजराल समेत चार प्रमुख कंपनियां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस्राइल और ईरान को माल भेज रही थीं। दोनों देशों में युद्ध के चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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भल्ला इंटरनेशनल के संचालक शेखर भल्ला ने बताया कि उनकी कंपनी का इस्राइल में प्रतिवर्ष चार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार था। उन्होंने कहा, युद्ध के कारण हमारा व्यापार पूरी तरह रुक गया है। ऑर्डर पेंडिंग हैं और नए ऑर्डर मिलने की संभावना भी क्षीण है।
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- खाड़ी देशों में होता है हैंडलूम, खेल उत्पाद का निर्यात
सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ से खाड़ी देशों और यूरोप तक खेल सामान, हैंडलूम उत्पाद और अन्य वस्तुओं का निर्यात होता है। इसमें इस्राइल और ईरान महत्वपूर्ण बाजार है। पिछले दो वर्षों से गाजा में लड़ाई के चलते इस्राइल को माल भेजने में पहले ही दिक्कतें थीं और अब युद्ध के चलते ईरान के साथ भी व्यापार प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
निर्यात के साथ आयात भी प्रभावित
सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि युद्ध का असर न केवल निर्यात बल्कि आयात पर भी पड़ना शुरू हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका है। अब वाणिज्य मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए निर्यातकों और शिपिंग कंपनियों के साथ आपात बैठक बुलाई है।
- लाल सागर मार्ग बाधित होने से हुई शिपिंग प्रभावित
- चैंबर एसोसिएशन से जुड़े आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि लाल सागर मार्ग के बाधित होने से शिपिंग लागत में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई। इससे निर्यातकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ से 100 से अधिक देशों में खेल उपकरणों का निर्यात होता है। लेकिन इस्राइल-ईरान मार्ग से जाने वाले माल की आपूर्ति अब रुक गई है। वैकल्पिक मार्गों से माल भेजने पर लागत बढ़ने से छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।