आईएसआई ने कंचन सिंह को तोहफे में दिया था एंड्रॉयड फोन, खंगाली जा रही डिलीट की गईं डिटेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ से गिरफ्तार किए गए जासूस कंचन सिंह के पास मिले दोनों मोबाइल फोन को चंडीगढ़ की फोरेंसिक साइंस लैब भेज दिया गया है। इनमें से एक मोबाइल आईएसआई ने कंचन को गिफ्ट में दिया था। लैब में इन दोनों मोबाइल का डिलीट किया गया डाटा रिकवर किया जाएगा। इसके बाद सेना को वे सारे सुबूत मिल जाएंगे जो कंचन सिंह ने आईएसआई एजेंट को भेजे थे। अगर चंडीगढ़ लैब में ये सारा डाटा रिकवर नहीं किया गया तो दोनों मोबाइल को दिल्ली स्थित सीबीआई की फोरेंसिक साइंस लैब में भेजा जा सकता है।
ढाई साल से मेरठ की सिग्नल रेजीमेंट में तैनात कंचन सिंह 10 महीने से आईएसआई को सूचनाएं लीक कर रहा था। आईएसआई उससे काफी अहम जानकारियां हासिल करना चाहती थी। इसके चलते आईएसआई ने उसको जो एंड्रॉयड मोबाइल फोन गिफ्ट किया उसमें सारे फीचर्स पर पाकिस्तान से भी नजर रखी जा रही थी।
कंचन सिंह इस मोबाइल से क्या-क्या अपडेट किसको भेज रहा था। इतना ही नहीं कंचन सिंह को खास हिदायत दी गई थी कि जो भी फोटो या सूचनाएं वो भेज रहा है, उन्हें तत्काल डिलीट भी कर दे। इसके चलते सेना को उसके मोबाइल में कोई खास डॉक्यूमेंट नहीं मिले। जिसके बाद कंचन के अपने मोबाइल फोन और आईएसआई द्वारा गिफ्ट किए गए एंड्रॉयड फोन का डाटा रिकवर कराने के लिए दोनों को चंडीगढ़ की फोरेंसिक साइंस लैब में भेजा गया है।
लैब से 10 दिन बाद रिकवर डाटा के बारे में जानकारियां मिल सकती हैं। अगर यहां से बात नहीं बनी तो सेना दोनों मोबाइल फोन दिल्ली की सीबीआई लैब में भी भेज सकती है। इन दोनों लैब में किसी भी मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप या पेन ड्राइव से डिलीट किए गए डाटा को फिर से रिकवर किया जा सकता है। लैब में मोबाइल के पहली बार ऑन होने से लेकर उसके आखिरी बार बंद होने तक की सारी डिटेल मिल जाएगी। इससे स्पष्ट होगा कि कंचन सिंह की मोबाइल फोन गैलरी से क्या डिलीट किया गया था। कौन-कौन सी गुप्त जानकारी आईएसआई को मुहैया कराई थी।
मोबाइल किसने दिया हमें नहीं मालूम
कंचन सिंह के बड़े भाई जगदीश का कहना है कि कंचन ने मोबाइल फोन के बारे में बताया था। लेकिन वो मोबाइल फोन उसे किसने दिया, इसकी जानकारी नहीं है। वो बता रहा था कि उसके एक दोस्त ने मोबाइल गिफ्ट किया है। भाई जगदीश बताते हैं कि इसके बारे में कंचन ही कुछ बता सकता है। वे मोबाइल फोन के बारे में कुछ नहीं जानते हैं।
एजाज के लैपटॉप और फोन से भी मिले थे अहम राज
सदर बाजार क्षेत्र में कई साल पहले पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंट एजाज के पास मिले लैपटॉप और मोबाइल की जांच भी दिल्ली स्थित सीबीआई लैब में हुई थी। लैब से इस बात का खुलासा हुआ था कि एजाज ने क्या-क्या दस्तावेज पाकिस्तान को भेजे थे।
एजाज के लैपटॉप का सारा डाटा रिकवर हो गया था। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि फोरेंसिक साइंस लैब में इस बात की जानकारी भी हो जाएगी कि कंचन के फोन में आईएसआई ने कौन-कौन से फीचर इंस्टॉल करके दिए थे।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/