खुलेंगे राज: सत्येंद्र सिवाल की पुलिस रिमांड मंजूर, ISI हैंडलर पूजा मेहरा को भेजी थीं गोपनीय जानकारियां
ISI के लिए जासूसी करने के आरोपी सत्येंद्र सिवाल की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली गई। उम्मीद है कि पूछताछ में सत्येंद्र कई और राज उगल सकता है। वहीं एटीएस को उसका लैपटॉप भी बरामद करना है। वहीं बैक खातों में कोई धनराशि आई या नहीं यह भी जांच का विषय है।
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आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले सुरक्षा सहायक सत्येंद्र सिवाल को अदालत ने10 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिये जाने का आदेश दिया है। एटीएस विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी के आदेशानुसार सत्येंद्र से 7 फरवरी की सुबह दस बजे से 16 फरवरी की शाम छह बजे तक हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर सकेगी।
एटीएस के विशेष लोक अभियोजक नागेंद्र गोस्वामी के मुताबिक अर्जी देकर कहा गया था कि आरोपी से विभिन्न कागजात और उसके साथियों के बारे में पता करना है। उसका संबंध किन हैंडलर्स से था और उसके द्वारा किस जरिए कितना पैसा प्राप्त किया गया है, इस बारे में भी जानकारी करनी है। बरामद मोबाइल में उपलब्ध तथ्यों के बारे में जानकारी करने के साथ ही हापुड़ स्थित उसके घर से लैपटॉप बरामद करना है। उसके बैंक खातों का विवरण लेकर पूछताछ की जानी है।
तीन फरवरी को सत्येंद्र को मेरठ से गिरफ्तार किया गया था। बताया गया कि आरोपी भारतीय विदेश मंत्रालय में कार्यरत था। वह जब रूस में तैनात था, उस समय उसे पूजा मेहरा के नाम से जुलाई 2021 में फेसबुक पर रिक्वेस्ट आई थी।
अभी तक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि विदेश मंत्रालय में मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर काम करने वाला सत्येंद्र सिवाल 2021 में पाकिस्तान की महिला के संपर्क में आया था। फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी महिला ने उसे झूठी मोहब्बत के जाल में फंसाकर सेना और विदेश मंत्रालय की जानकारी लेनी शुरू कर दी। सत्येंद्र समझ नहीं पाया कि जो युवती उससे प्यार का नाटक करके खुफिया जानकारी हासिल कर रही है, वह आईएसआई की एजेंट है।
एटीएस कार्यालय मेरठ में शनिवार को चली चार घंटे की पूछताछ में सामने आया कि साल 2021 में फेसबुक के जरिए सत्येंद्र पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट के संपर्क में आया। मैसेज के बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल होने लगीं।
हनी ट्रैप में फंसकर सत्येंद्र महिला को भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय के बारे में गोपनीय जानकारियां भेजने लगा। हालांकि सत्येंद्र के बैंक अकाउंट में कितने पैसे आए, इसके बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं हुई है।
शुरुआत में आईएसआई की महिला हैंडलर पूजा मेहरा ने सतेंद्र को बताया कि उसे अपने एक प्रोजेक्ट के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेना की कुछ जानकारियां चाहिए। सतेंद्र हनी ट्रैप में फंसकर अपने मंत्रालय के अलावा दूसरी वो जानकारियां भी देने लगा जो उसके कार्यक्षेत्र में नहीं थीं। एटीएस सूत्रों की मानें तो आखिरी तक भी सत्येंद्र को इस बात का आभास नहीं हुआ कि जिस महिला पूजा से वह बात कर रहा है वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की हैंडलर है।
पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव महिलाएं सोशल मीडिया पर सक्रिय
सूत्रों ने बताया कि सतेंद्र को मोटी रकम और महंगे गिफ्ट का प्रलोभन देकर बरगलाया गया। सतेंद्र अभी अविवाहित है, ऐसे में वह इन महिलाओं के लिए सॉफ्ट टारगेट था। जासूसी के आरोप में एटीएस की गिरफ्त में आया सतेंद्र से तीन साल पहले जासूसी के आरोप में बिहुनी के पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
उसे वर्ष 2020 में महज सात साल की नौकरी करने के बाद वीआरएस दिला दिया गया। उसके बाद भी वह लगातार देश व सैन्य जानकारी पीआईओ को भेजता रहा। पीआईओ के माध्यम से बैंक खातों में फंडिंग भी कराता रहा। पिछले कुछ सालों में फर्जी नामों से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) की महिलाएं सक्रिय रही हैं।